सामने तुम भगवान सदृश प्रणाम तुम्हें। हमारा तन मन धन अर्पण सब तुमको। दीप प्रेम का सालों से लगातार जलता रहा। सम्मुख तुम अभिराम नयन शांत हृदय। बस चाहिए आखिरी साँस तक साथ तुम्हारा। #सरिता गुप्ता, पोरसा परिचय नाम – सरिता गुप्ता पिता का नाम – श्री वेद प्रकाश गुप्ता […]

पासपोर्ट ने, फैलाई महामारी ! पर प्रकोप झेलता, गरीब दिखा !! लिए वेदना… आँखों में धूमिल सपने ! पुन: पलायन करता, गरीब दिखा !! अपना हिस्सा भी, बच्चों का खिला कर! भविष्य की चिंता करता, गरीब दिखा !! भूख की ज्वाला … भस्म करते-करते ! अकाल काल का ग्रास बनता, […]

कहीं पहने हुए, इन्सान की खाल । और कहीं.. ओड़ इन्सानियत का नकाब दिख जाते हैं, सब तरफ भेड़िये । भेड़िये… सिर्फ जंगलों में ही नहीं होते ।। कभी अजनबी, तो कभी बन रिश्तेदार। कभी सीधे, तो कभी करें छिप कर प्रहार । भेड़िये… सिर्फ जंगलों में ही नहीं होते […]

हे मेरे विधाता करो कुछ तुम उपाय हो श्रद्धा मन में जीवन हो आसान है पल पल घटती उम्र खत्म होती कर अपने काम खत्म सफर खत्म हो ये सत्य अटल है नश्वर सब संसार तो भी घेरे मोह रहे मन संताप विचलन हो सदा पार नही बोलो करे क्या […]

  यह पुरानी हवेली उसके लिये यातना गृह से कम नहीं है..मानों किसी बड़े गुनाह के लिये आजीवन कारावास की  कठोर सजा मिली हो ..  ऐसा दंड कि ताउम्र इस बदरंग हवेली के चहारदीवारी के पीछे उस वृद्ध को सिसकते एवं घुटते हुये जीवन व्यतीत करना है..यहाँ से तो उसकी […]

नैनों के कोरो तक आये ये मोती न ढलने पाये पीड़ा का मौसम आया है पर पुष्प नहीं खिलने पाये। पाषाढ़ बना लो उर को स्वयं हारना कभी न सीखा है न अश्रु कभी मग को रोके इतनी ही सीमा रेखा है। कमजोर नहीं लाचार नही बना रखो विश्वास प्रबल […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।