भूख

Read Time2Seconds

पासपोर्ट ने,
फैलाई महामारी !
पर प्रकोप झेलता,
गरीब दिखा !!

लिए वेदना…
आँखों में धूमिल सपने !
पुन: पलायन करता,
गरीब दिखा !!

अपना हिस्सा भी,
बच्चों का खिला कर!
भविष्य की चिंता करता,
गरीब दिखा !!

भूख की ज्वाला …
भस्म करते-करते !
अकाल काल का ग्रास बनता,
गरीब दिखा !!

अंजु गुप्ता

परिचय
जन्मतिथी : 7 अक्टूबर
निवास : हिसार, हरियाणा
विधा : तुकांत , अतुकांत , हाइकु, वर्ण पिरामिड और लघुकथाएँ

शिक्षा : बी.कॉम, PGDMM , PGDCA , MBA , M A (English ), B.Ed

साँझा कविता संग्रह : सत्यम प्रभात, अनकहे जज्बात, मुसाफिर, स्त्री का आकाश, प्यारी बेटियाँ इत्यादि

सम्मान : युग सुरभि सम्मान, काव्य सागर सम्मान, हिंदी सेवी सम्मान, “जय विजय रचनाकार सम्मान”, “काव्य रंगोली साहित्य भूषण सम्मान”, सिद्धि श्रेष्ट सम्मान”, पॉजिटिव वीमेन अवार्ड ” इत्यादि !

0 0

matruadmin

Next Post

मृदुल कूक

Mon Apr 27 , 2020
तुम कूक उठी मृदुल-मृदुल ये गान तुम्हारा अमर रहे | प्रेमीजन सुन कूक तुम्हारी मगन रहे || तुम काली-काली रुप न देखा जग स्वर उतर जाये उर | जैसे प्रेमी की हूक अमर || स्वच्छ गगन तले घने पातों के बीच छिपे कंठ तुम्हारा अमृत बर्षाये | गा-गाकर अमर गान […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।