आजादी के हित नायक थे, .        उनको शीश झुकाते हैं। भगत सिह सुखदेव राजगुरु, .         अमर शहीद कहातें हैं। *भगतसिंह* तो बीज मंत्र सम, .          जीवित है अरमानों में। भारत भरत व भगतसिंह को, .            गिनते है सम्मानों में। *राजगुरू* आदर्श हमारे, .          नव पीढ़ी की थाती है। इंकलाब की […]

मौसम भी रूख बदलेगा,वो सर्द जनवरी आएगी, बहकी हवा पत्तों से मिलकर जब कोई साज़ सुनाएगी। कोहरे में खिली उस धूप में जब सरसों फिर लहराएगी, भूले से उस शोख़ को फिर याद हमारी आएगी। उठेगी दिल में कसक लब पे ये सवाल आएगा, लाख भुला दो दिल से पर […]

कहते हैं जनाब यहाँ,भरपूर रोजगार है…, कितनों का बाकी है कर कितनों का गिरवी है घर, कितनों के ऊपर देखो टूटा ये पहाड़ है… किसी की बेटी भूखी, किसी का बेटा भूखा किसी का भूखा यहाँ पूरा परिवार है,.., कोई आधा चोटिल है कोई पूरा घायल है, कोई अपने घर […]

तुम्हीं से प्यार करते हैं तुम्हीं पे जाँ लुटाते हैं, मगर चाहत की ये बातें तुम्हीं से हम छुपाते हैं। कभी हम दूर जाते हैं कभी खुद पास आते हैं, यकीं खुद पे नहीं आता तभी तो आजमाते हैं। तुम्हीं से प्यार……….। मेरे दिल में रहोगे तुम सदा अहसास बनकर […]

लफ्ज़ हैं आज गुमशुदा, एहसास हो गए हैं अब तन्हा.. दिल की सच्चाई कितना भी चाहे बेपनाह, पर खा रही है मात हर लम्हा.. हर जगह। वक़्त बदल-सा जा रहा है, शख्सियत भी अब तो जुदा है.. न जाने कहाँ सब खो गया, जज़्बातों का कारवां छूट गया है। अफ़साने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।