बड़ा साधारण सा व्यवहार होता है.. जो यह बड़ी उम्र का प्यार होता है.. उन की झुर्रियां भी प्यारी लगती है.. उनकी बातें सारी न्यारी लगती है.. आंखों में आकर्षण बेशुमार होता है.. जो यह बड़ी उम्र का प्यार होता है.. उनके कानों पर रंगे कुछ सफेद बाल.. उनके सुलझे […]

इश्क अधूरा ही सही इश्क में आजमाइश रहती है सात फेरों के बिना भी इश्क में गुंजाइश रहती है मुकम्मल हो हर कहानी यह मुमकिन तो नहीं पर हर कहानी कि कोई ख्वाहिश रहती है इश्क अधूरा ही सही मगर आजमाईश रहती है टूट कर चाहा उसे पर बिखरने ना […]

तब कजन भी भाई हुआ करते थे अब भाई से भी होती बात नहीं तब गली मोहल्ले सुनते थे अब घरवालों की भी कुछ कहने की औकात नहीं तब कई दिन की रिश्तेदारी थी अब मिलने को एक रात नहीं तब सबके घर आना जाना था अब अपनों से भी […]

माँ हिन्दी के चरणों में एक दीया सचिन राणा हीरो की तरफ से… 14 सितंबर 2019 के दिन को देश भर में हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। इस खास दिन के मौके पर हिंदी के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए देश में अलग अलग जगहों पर […]

आजादी का मतलब केवल झंडा फहराना नहीं होता,, आजादी का मतलब केवल राष्ट्रगान गाना नहीं होता,, पुरखों ने बलिदान दिया तब जाकर आजादी पाई,, ये दिन पाने की खातिर जाने कितने वीरों ने जान गवाई,, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि केवल फूल चढ़ाना नहीं होता,, आजादी का मतलब केवल झंडा फहराना […]

कान्हा तेरे रंग में डूबा सारा संसार है तेरी प्रीत में रंगने को हर कोई तैयार है आज जन्माष्टमी का त्योहार है… जिधर देखूं उधर ही तेरी सूरत नजर आती है कान्हा तेरी प्रीत है ऐसी नजर कहीं और नहीं जाती है मन को पावन कर दे ऐसा तेरा नाम […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।