कांधे पर बन्धूक का बोझ और पीठ पर लदा बैग लिए खड़ा रहता है, हमारी सुरक्षा हेतु उस शख्स का नाम है *”सैनिक”* ॥ जिसे खुद से ज्यादा चिंता होती है हमारी। छोड़कर घर परिवार करते हैं सुरक्षा हमारी॥ हमें करना चाहिए सैनिक का सम्मान..। दुश्मनों को मारते रहते सीना […]

(काव्यधारा पीयूष के साथ काव्यधारा रत्न सम्मान भी मिला) दौसा।  3अक्टूबर,18 को रामपुर शिवांश होटल एण्ड रेस्टोरेंट, साई काम्प्लेक्स रामपुर मे दौसा निवासी कवि कृष्ण कुमार सैनी”राज को साहित्य के क्षेत्र में *काव्यधारा-पियूष और काव्यधारा-रत्न सम्मान* से सम्मानित किया गया। *सैनी की साहित्य में बढ़ती हुई रूचि और सहभागिता के […]

हाँ ! मैं खाता हूं मेहनत की कमाई। मैं डरता नहीं हूं मेहनत करने से। लक्ष्य को पाने के लिए मुझे दिन-रात करनी पड़ती है  कड़ी मेहनत। कितनी बाधाएं भीआती है लक्ष्य तक पहुंचने में हिम्मत और मेहनत से सब आसान हो जाता है और मिल जाती है मंजिल। मन […]

बच्चे का रुदन उसके आगमन से होता शुरु। हर दर्द के साथी आँसू। व्यस्क होने पर छुप कर रो लेता। माता पिता से भी नहीं कुछ कहता। कभी प्रेम में ठुकराए कोई। रो कर वह दर्द पी लेता है। नौकरी न मिले तो बेरोजगारी होने का दंड रोकर भोग लेता […]

  चलो’ हम बैठ कर कुछ देर , बतियाएँ अकेले में कही अपनी ही ग़ज़लें फिर से दोहरायें अकेले में भले गहरी नदी है , मैं उतर जाऊँगा गहरे तक अनाड़ी हैं कहीं वो ,कूद न जायें अकेले में मोहब्बत नाम की ये शै , मिला करती मुक़द्दर से अगर […]

शहीदों को नमन करना हमारा फर्ज है यारों। जो भिड़ने मुल्क से आए उसे मिलकर के तुम मारो।। कभी अर्जुन बनोगे तुम,कभी *कृष्णा* बनोगे तुम, अगर जो कंस आ जाए सुदर्शन हाथ में धारो।। #कृष्ण कुमार सैनी”राज”, दौसा,राजस्थान मो.

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।