मेहनत*

0 0
Read Time1 Minute, 20 Second

krishn

हाँ ! मैं खाता हूं
मेहनत की कमाई।
मैं डरता नहीं हूं
मेहनत करने से।
लक्ष्य को पाने के लिए
मुझे दिन-रात करनी पड़ती
है  कड़ी मेहनत।
कितनी बाधाएं भीआती है
लक्ष्य तक पहुंचने में
हिम्मत और मेहनत से
सब आसान हो जाता है
और मिल जाती है मंजिल।

मन को शांति मिलती है
मेहनत करने से।
मेहनत की कमाई
बहुत सुकून देती है।
मेहनत का रसीला फल
मीठा होता है,
मेहनत करने वाला
अपनी मंजिल पाता है।
मुझे विश्वास है
मेरी मेहनत भी
एक दिन रंग लाएगी।
मेरी मंजिल मेरे कदमों में
चलकर आएगी !
चलकर आएगी।।
जन्म लेता है विश्वास
मिल जाती है मंजिल
और मीठा फल
मुझे याद आती है
कहानी एक राजा के दरबार की
जहां फकीर ने
राजा की रोटी से खून
और किसान की रोटी से
दूध निचोडा था
कोई निचोड ले मेरी भी रोटी
मै खाता हूं मेहनत की रोटी।
ऐसे ही होती है
मेहनत की कमाई……!!!!

#कृष्ण कुमार सैनी”राज”,
दौसा,राजस्थान 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मानसिक जागरूकता ही बना सकती है हमें नम्बर वन

Wed Jul 25 , 2018
मेरा शहर  मेरा प्रदेश अपनी एक अलग ही अनूठी पहचान रखता है । मिलनसारिता , त्योहार की रंगीनियां ,खान पान की विविधता ,  चहल पहल से आबाद ये शहर वाकई ज़िंदादिली को परिभाषित करता है । जो यहाँ आता है वो यही का होकर रह जाता है । पर इस […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।