पद्मा चौगाँवकर हुई देवपुत्र गौरव सम्मान से सम्मानित

0 0
Read Time5 Minute, 5 Second

बच्चे देवतुल्य बनें इसलिए देवपुत्र स्थापित हुई- यतीन्द्र शर्मा

इन्दौर। बाल साहित्य के लिए कार्यरत प्रतिष्ठित संस्था सरस्वती बाल कल्याण न्यास व पत्रिका देवपुत्र के द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला देवपुत्र गौरव सम्मान से इस वर्ष गंज बासौदा निवासी देश की प्रख्यात बाल साहित्यकार सौ. पद्मा चौगाँवकर सम्मानित की गई। स्थानीय संवाद नगर स्थित देवपुत्र बाल मासिक पत्रिका के सभागार में आयोजित इस गरिमामय आयोजन के मुख्य अतिथि श्री यतीन्द्र कुमार जी शर्मा, लखनऊ (अ. भा. सह संगठन मंत्री विद्या भारती) एवं विशेष अतिथि डॉ. गोविन्द दत्तात्रेय गंधे, उज्जैन (निदेशक, कालिदास संस्कृत अकादमी) थे। अध्यक्षता सरस्वती बाल कल्याण न्यास एवं विद्या भारती मालवा प्रांत के अध्यक्ष डॉ. कमल किशोर चितलांग्या ने की।

देवपुत्र के इस आयोजन में स्वागत भाषण नारायण चौहान प्रबंध संपादक ने दिया एवं आभार प्रबंध न्यासी सी ए. राकेश भावसार ने माना।अतिथियों का स्वागत मोहनलाल गुप्ता (कोषाध्यक्ष) एवं गोपाल काकाणी (न्यासी) ने किया। संचालन गोपाल माहेश्वरी (संपादक देवपुत्र) ने किया।

मुख्य अतिथि यतीन्द्र शर्मा ने कहा कि ‘बालकों के मन पर साहित्य के कारण अच्छा प्रभाव हो इसीलिए देवपुत्र का आरंभ हुआ। बालकों के जीवन का निर्माण देव तुल्य हो, इसीलिए पत्रिका का नाम देवपुत्र रखा गया। समाज की सेवा करने वाले बच्चों का निर्माण करने के लिए देवपुत्र का जन्म हुआ।’

विशेष अतिथि डॉ. गोविंद दत्तात्रय गंधे ने कहा कि ‘देवपुत्र का विस्तार आँखों देखा है, इस सम्पूर्ण राष्ट्रीय परिदृश्य में समर्थ रामदास के पश्चात् देवपुत्र ने बच्चों की चिंता की है।’

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. कमल किशोर चितलांग्या ने भी संबोधित किया एवं सम्मान मूर्ति पद्मा चौगाँवकर ने न्यास का आभार माना।

ज्ञात हो कि बाल साहित्य जगत के निजी क्षेत्र के इस सम्मान की स्थापना सन् 2009 में स्व. श्री कृष्ण कुमार जी अष्ठाना ने की थी। यह इस शृंखला का दसवां आयोजन है। अभी तक देश के शीर्षस्थ तेरह बाल साहित्यकार इस सम्मान से सम्मानित किए जा चुके हैं, जिनमें अब तक डॉ. सरोजिनी कुलश्रेष्ठ, (नोएडा), डॉ. शंकर सुलतानपुरी (लखनऊ), श्री रामभरोसे गुप्त ‘राकेश’ (आलमपुर), डॉ. श्रीकृष्णचंद तिवारी ‘राष्ट्रबंधु’ (कानपुर), डॉ. चक्रधर नलिन (कानपुर), श्री कृष्ण शलम (सहारनपुर), डॉ. विनोदचन्द पाण्डे ‘विनोद’ (लखनऊ), डॉ. भगवती प्रसाद द्विवेदी ( पटना), श्री सजा चौरसिया (उपरियापान), डॉ. नागेश पांडे ‘संजय’ (शाहजहाँपुर) और सौ. प‌द्मा चौगांवकर सम्मानित किए गए हैं।

सम्मान स्वरूप इस आयोजन में मानपत्र, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न के साथ 35 हज़ार रू की सम्मान निधि भी भेंट की जाती है।

आयोजन में विद्या भारती के अ.भा. अधिकारी श्रीराम आरावकर (सह संगठन मंत्री), अखिलेश मिश्रा (क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्याभारती मध्यक्षेत्र), निखिलेश माहेश्वरी (प्रांतीय संगठन मंत्री मध्यभारत), अमित दवे (प्रांतीय संगठन मंत्री महाकौशल), योगेश शर्मा (प्रांतीय संगठन मंत्री मालया), शशिकांत फडके, भालचन्द्र रावले, गोपाल काकाणी, साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे सहित नगर की सामाजिक एवं साहित्य जगत की अनेक विभूति उपस्थित रहीं।

matruadmin

Next Post

मानवतावादी दृष्टिकोण के परिचायक रहे गुरुनानक देव-डॉ. अर्पण जैन

Wed Apr 30 , 2025
इन्दौर ने सुनी थी गुरु नानक जी की वाणी इन्दौर। श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति में कालजयी साहित्यकार स्मरण शृंखला की 109वीं कड़ी में गुरुनानक जी को याद किया गया और उनके कृतित्व तथा व्यक्तित्व पर चर्चाएँ की तथा चित्र का अनावरण भी किया। मंगलवार को सम्पन्न हुए कार्यक्रम में […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।