Author Archives: Arpan Jain

फैशन

खड़ा था , सड़क पर , वह फूटी सी, उड़ती धूल, गड़े गढ़े, चकित आँखें, विगलित हो रहा , स्वयं , फैशन से भरी सड़क , देखकर , है इन्सान…
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रंगो का त्योहार होली

होली पर्व रंगों का त्योहार है पिचकारी पानी की फुहार है अबीर गुलाल गली बाजार है मस्तानो  की टोली घर द्वार है हिरण्य कश्यप  का अभिमान है होलिका अग्नि दहन…
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दोहरी जिम्मेदारी

सत्तर की उम्र पार कर रहे रमेश और उनकी पत्नि राधा अपनी बहू रमा की तारीफ करते नही अघाते । जब भी कभी उनसे मिलने कोई रिश्तेदार या पड़ोसी आये…
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नूर

सद्चिन्तन से दूर होती जीवन की हर चिंता तनाव भी हर लेती है बनती दुखो की हंता परचिंतन से दूर रहे स्वचिंतन करते रहे स्वस्थ तन मन होगा जीवन खुशियो…
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बैंकों का घुमावदार सीढ़ियां … !!

तब तक शायद बैंकों का राष्ट्रीयकरण नहीं हुआ था। बचपन के बैक बाल मन में भारी कौतूहल और जिज्ञासा का केंद्र होते थे। अपने क्षेत्र में बैंक का बोर्ड देख…
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