“लाल बिन्दी”

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keshav
हमेशा जो महत्व है,
शादी में दुल्हन का,
सर्वदा वही महत्व है,
शादी में लाल रंग का।
लाल रंग प्रतीक है,
आपस में प्यार का,
यह एक प्रतीक है,
साहस,ताकत के संग,
प्रेम और सौंदर्य का।
इसलिए!
दुल्हन का जोड़ा लाल,
दुल्हन का सिंदूर लाल,
दुल्हन की मेहँदी लाल,
दुल्हन की बिंदी लाल,
दुल्हन की चूरी लाल,
दुल्हन की चुनरी लाल।
अब सबसे महत्व्पूर्ण है,
दुल्हन की लाल बिंदी,
जो केवल श्रृंगार नही,
एक अनुपम मनमोहक,
सोलह श्रृंगारों में एक है।
शादीशुदा महिलाओं द्वारा,
लगाया गया लाल बिन्दी,
एक अनुपम प्रतीक है,
प्यार और समृद्धि का,
जो अनहोनी से बचाता है,
उनकी सुंदरता बढ़ाता है,
इसलिए लाल बिंदी जरूरी है,
न कि ये किसी की मजबूरी है।
इसलिए लाल बिंदी जरूरी है,
न कि ये किसी की मजबूरी है।।
         #केशव कुमार मिश्रा

 परिचय: युवा कवि केशव के रुप में केशव कुमार मिश्रा बिहार के सिंगिया गोठ(जिला मधुबनी)में रहते हैं। आपका दरभंगा में अस्थाई निवास है। आप पेशे से अधिवक्ता हैं।

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।