nisha
मुट्ठी भर सबल नारियों से,
नारी नहीं हो सकती सबला..
देखो जाकर हर गली मोहल्ले,
नारी की क्या हो रही दुर्दशा।

है यह पुरूष प्रधान समाज,
नारी को क्या महत्त्व देगा..
पैरों तले रौंदकर अपने,
जख्मों से भरा उपहार देगा।

वस्त्र हटा के अंग देख लो,
किसी तुम दुखिया नारी का..
रक्त वर्ण से चित्रित होगा,
इतिहास उस दुखियारी का।

जीवन में दुःख कितने झेलती,
तुम उसको क्या समझोगे ?
तुमने तो सिर्फ कष्ट दिया है,
कब तुम उसको बख्शोगे।

चाहते जानना उसकी पीड़ा,
तो लेना होगा नारी जन्म..
बंधी कैसे वह कर्त्तव्यों से,
कैसे कटता उसका हर दिन।

सब कहते नारी सबला है,
कहाँ है वह नारी का रूप ?
रात कटती पीड़ा में उसकी,
दिन में सहती सड़क की धूप।

नारी का अपना वजूद कहाँ,
जीवन में उसके विश्राम कहाँ ?
उम्र भर रहती निर्भर,
पिता,पुत्र, पति पर ।

होता कहाँ नारी का घर ?
बीता बचपन पिता के घर..
जवानी बीती पति के घर,
बुढ़ापा कटे पुत्र के घर।

कब कटेंगीं उसकी बेड़ियाँ ?
कब होगी सच में आजाद..
मना लो लाख तुम दिवस नारी,
पर है नारी अब भी बेचारी।

                                                                           #निशा गुप्ता  

परिचय : श्रीमती निशा गुप्ता का जन्म 1963 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ है। आपके पति एल.पी. गुप्ता के व्यवसाय की वजह से आपका कर्म स्थान तिनसुकिया(असम) ही है,वैसे आपका मध्यप्रदेश से भी रिश्ता है। आपने एम.ए( हिन्दी,समाजशास्त्र व दर्शनशास्त्र) के साथ ही बी.एड (रूहेलखंड यूनिवर्सिटी,बरेली) भी किया है। आप वरिष्ठ अध्यापिका के रुप में विवेकानंद केन्द्र विद्यालय (लाईपुली, तिनसुकिया) में कार्यरत होकर शिक्षण कार्य में 30 वर्ष से हैं। लेखन का आपको लगभग 30 वर्ष का अनुभव सभी विधाओं में है। आपके 6 काव्य संग्रह(भाव गुल्म,शब्दों का आईना,आगाज,जुनून आदि) के साथ ही 14 पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। काव्य संग्रह ‘मुक्त हृदय’ का संपादन भी किया है। 2 बाल उपन्यास (जादूगरनी हलकारा और जादुई शीश महल ),1 शिशु गीत,कहानी संग्रह ‘पगली’,दो सांझा काव्य संग्रह(‘काव्य अमृत’,’पुष्प गंधा’) भी आपके नाम हैं। 1992 से विवेकानंद केन्द्र (कन्याकुमारी) से समाजसेवा के काम में भी जुड़ी हैं। मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से आपको शिक्षा मंत्री स्मृति इरानी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया था। आप नारायणी साहित्य अकादमी की राष्ट्रीय सचिव, आगमन साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था की असम प्रभारी और राष्ट्रीय स्तर के एनजीओ की असम राज्य की चेयरमैन भी हैं। रामपुर,डिब्रुगढ़ तथा दिल्ली आकाशवाणी से आपके कार्यक्रम प्रसारित होते हैं। देशभर की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं, लेख व कहानियां प्रकाशित होती हैं।आपको वैश्विक साहित्यिक व सांस्कृतिक महोत्सव(इंडोनेशिया और मलेशिया) में ‘साहित्य वैभव अवार्ड’ और दिल्ली से ‘काव्य अमृत’ भी मिला है।

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