कसक

0 0
Read Time35 Second

cropped-cropped-finaltry002-1.png

आज दिल के एक कोने से आवाज़ आयी
जो कसक दबा रखी थी सालो से
आज जाग आयी
देखा उसे जब मैने सालो बाद
मन में एक बात आयी
काश की तू हिस्सा होता मेरी ज़िन्दगी का
और में होती तेरी परछाई
पर खेल था तकदीरो का
किस्मत की लकीरो का
जुड़ न सकी राहे हमारी
पर तेरे हिस्से में रौशनी
और मेरे हिस्से तन्हाई आयी
आज दिल के कोने से आवाज़ आयी
            #शालिनी जैन

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

'बच्चन' जी की जीवनी 

Mon May 21 , 2018
सत्ताईस नवंबर शुभ दिन आया। उन्नीस सौ सात  साल कहलाया।। जन्म वसुधा पर बालक ने पाया। कायस्थ श्रीवास्तव कुल हर्षाया।। पिता प्रताप नारायणजी का प्यारा। माँ सरस्वती देवी का राज दुलारा। इलाहाबाद नगर, प्रतापगढ़ प्यारा। धन्य वसुंधरा बाबू पट्टी ग्राम सारा।। पाणिग्रहण का मंगलमय दिन आया। श्यामादेवी,तेजी सूरी से ब्याह […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।