madhav jha

करके अनुपम श्रृंगार,
भर के आंखों में प्यारl
मिलने को मुझसे आई थी,
परियों की रानी इक बारll 


शरमाते हुए सामने से आकर,
अपनी पलकों को झुकाकरl
थमा गई हाथ में मेरे,
एक प्यारा-सा गुलाबl
मिलने को मुझसे आई थी,
परियों की रानी इक बारll 

मुस्कुराते हुए कुछ कह रही,
मुझसे थी वह बार-बारl
कुछ भी समझ ना पा रहा था मैं,
हाल था हुआ मेरा बेहालl
मिलने को मुझसे आई थी,
परियों की रानी इक बारll

देख के उसकी कंचन काया,
अपनी तो सुध-बुध पर थी मायाl
फिर दिल ने मेरे मुझ पर हुकुम चलाया,
कर ले तू भी प्यार भरा इजहारl
मिलने को मुझसे आई थी,
परियों की रानी एक बारll 
              #माधव कुमार झा
परिचय : माधव कुमार झा दिल्ली के जहाँगीर पुरी में रहते हैं l आपकी जन्म तिथि २० अगस्त १९९२ तथा  जन्म स्थान-गांव धेरूख पोस्ट बेनीपुर(बिहार) है l 

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