आधुनिक समाज एकल परिवार में लीप्त हो एक गहरी खाई की तरफ जाती हुई प्रतीत हो रही है।आज की सामाजिक ताना बाना सिमटती जा रही है लोग सिमट कर अपने आप के लिए ही रह रहे हैं जबकि पहले का परिदृश्य कुछ और था।एक सामाजिक सौहार्द जो अब बिखरे लगा […]

बिहार चुनाव अंतिम दौर में हैं लाडाउन के बाद हो रहे इस चुनाव में मोदी लहर की फिजा तो बह ही रही है लेकिन एम वाई समीकरण की परंपरागत आरजेडी भी अच्छा करती नजर आ रही है।वैसे माना जाय तो लोक जनशक्ति पार्टी और विभिन्न तरह के एलाइन्स पार्टी भी […]

बदलते हुए बिहार के लोकप्रिय चेहरा हैं नीतीश कुमार अपने दृढ़ विश्वास से लवरेज होकर वेदाग दमदार काम का वखान अपने शब्दों में करते हैं ।कौन भूल सकता है 1990 के दशक वाला बिहारी को जहाँ संसाधनो की कमी नहीं फिर भी बिजली पानी को तरसता था बिहार! आज हर […]

देश हमारा भी है देश उनका भी है , फिर कर्तव्यों में इतना भेदभाव क्यों ? हम सुबह शाम चंदन महकाएँ वे यहाँ वहाँ कूड़े फैलाएँ I हम खेतों में अन्न उगाएँ और वे जमाखोरी का रास रचाएँ I हम कोरोना योद्धा बन संघर्ष करें, वे यहाँ वहाँ थूकते जाएँ […]

मधुशाला साहित्यिक परिवार उदयपुर द्वारा होली प्रतियोगिता में बिहार पटना के लेखक आशुतोष कुमार झा को सम्मान पत्र से नवाजा है।इस प्रतियोगिता में देश भर के साहित्यकारो ने भाग लिया सभी को मधुशाला परिवार की ओर से सम्मानित किया गया है।आशुतोष ने बताया कि ऑन लाइन प्रतियोगिता के जरिये ऐसे […]

 _बांगड़ू कवि सम्मेलन ठहाकों और देशभक्ति से सराबोर रहा_इन्दौर। हिन्दी कवि सम्मेलन का आनंद ही तब आता है जब श्रोता उसमें डूबकर भाव विभोर हो जाता है। कुछ ऐसा ही दृश्य स्काउट मैदान चिमनबाग पर मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित व मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा संयोजित ‘बांगड़ू हास्य कवि […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।