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एक सोच या कल्पना-डिजिटल चुनाव का सपना।

      आज-कल चुनावी मौसम में न जाने कितने लोग दल बदलते है। ये सिर्फ नेताओ तक ही सीमित नहीं है।आम पब्लिक भी रोज दल बदल रहे हैं।हर जगह स्वार्थ का…
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बसमतिया के सपनो में किसान

    वैशाख का महीना तेज घूप और चुनाव का मौसम हर तरफ चहल पहल प्रचार की गाडियाँ रोज गाँव मे आते और प्रचार करते। अलग- अलग पार्टियो के होने की…
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वेवफा 

ऐ दिल तू बता दे, तेरा शहर क्यूँ भूला बडी मुश्किल से मैंने, बातों को भूला हसरतो को तूने क्यूँ, आँसूओ में घोला ऐ दिल तू बता दे, तेरा शहर…
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पृथ्वी सेवा से मरहूम होते लोग

प्रगति के अंधे दौर में थोडा सा वक्त हमारी घरती को भी चाहिये यही सोच सभी के दैनिक जीवन में आए और पर्यावरण के प्रति लोग जागरूक हों इसलिए पृथ्वी…
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बचपन और चाँद

--------------------- नीले नभ में चाँद चकोर विखेरे सौन्दर्य अनमोल टिमटिमाते ढेरों सितारे टुकटुक देखे नयन हो रहे विभोर। ---------------------------- शीतलता विखेरे चाँदनी धरती आँचल फैला करे शोर तरूवर की लता…
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वैशाखी और त्रास

----------------------- आई वैशाखी बढ़ी त्रास तपती धूप जली घास जल स्त्रोत होता दूर पौधे-प्राणी होते मजबूर -------------------------- सूखे नदी-नाले कुएँ-तालाब बाग-बगीचे की जड़े सूखे धरती के अंदर भी नलकूपो के…
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