मुक्तक मोती

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manoj samariya

धन्य जवान ये वीर भगत सिंह,जिसने स्व कुर्बान किया।

हँसते-हँसते फाँसी चूमा, आजादी हित बलिदान कियाll

स्वतंत्रता के हवन कुण्ड में अपनी आहुति देकर,

इंकलाब के नारे का  `मनु`युवा दिलों में आह्वान कियाll

 

इंकलाब की गूँज उठी,तब हर दिल में बसा तिरंगा था।

जब आजादी की लपटों से मौसम का रंग सुरंगा थाll

भारत माँ भी धन्य हुई तब पहन के चुनर बलिदानी,

जिस चुनर को भगत सिंह ने रंग बंसती रंगा थाll

 

युवाओं के दिल में मचलता जोश है भगत सिंह।

इंकलाब जिंदाबाद का उद्घोष है भगत सिंहll

गूँगे-बहरे कुशासन को जगाती बुलंद एक आवाज,

जो अंग्रेजी आँधी में भी जलती रही,वो जोत है भगत सिंहll

 

सरफरोशी की तमन्ना दिल में लिए जो बढ़ चलाl

आजादी की पुस्तकों में अमिट गाथा गढ़ चलाll

मेरी कुर्बानी से जन्मेंगें सैकड़ों भगत सिंह कह-

सौंपने स्वयं को बलिदानी तख्त पर चढ़ चलाll

                                                 #मनोज कुमार सामरिया ‘मनु'

परिचय : मनोज कुमार सामरिया  `मनु` का जन्म १९८५ में  लिसाड़िया( सीकर) में हुआ हैl आप जयपुर के मुरलीपुरा में रहते हैंl बीएड के साथ ही स्नातकोत्तर (हिन्दी साहित्य ) तथा `नेट`(हिन्दी साहित्य) भी किया हुआ हैl करीब सात वर्ष से हिन्दी साहित्य के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और मंच संचालन भी करते हैंl लगातार कविता लेखन के साथ ही सामाजिक सरोकारों से जुड़े लेख,वीर रस एंव श्रृंगार रस प्रधान रचनाओं का लेखन भी करते हैंl आपकी रचनाएं कई माध्यम में प्रकाशित होती रहती हैं।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।