काव्य कुँअर और काव्य दीप सम्मान समारोह शनिवार को

1 0
Read Time3 Minute, 2 Second

कवि सम्मेलन के शताब्दी वर्ष निमित्त मंचीय कवियों का होगा सम्मान

इन्दौर। कवि सम्मेलन शताब्दी वर्ष निमित्त मातृभाषा उन्नयन संस्थान व डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया द्वारा काव्य कुँअर व काव्य दीप सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार, शाम को 4.30 बजे से इन्दौर प्रेस क्लब में किया जा रहा है।
डॉ. कुँअर बेचैन की जन्म जयंती पर प्रतिवर्षानुसार कवियों की गोष्ठी रहेगी व मंचीय कवियों का सम्मान किया जाएगा।
संस्थान की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नीना जोशी ने बताया कि ‘संस्थान द्वारा कवि सम्मेलन का शताब्दी वर्ष देशभर में मनाया जा रहा है, इसी कड़ी में चौथी पीढ़ी के कवियों के सम्मान की शृंखला में पहली कड़ी में इन्दौर में यह सम्मान समारोह आयोजित हो रहा है। इस आयोजन में मोयरा सरिया, हिन्दीग्राम व मातृभाषा डॉट कॉम सहयोगी हैं।’

डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास के अध्यक्ष प्रगीत कुँअर ने बताया कि ‘पूज्य पिताश्री व सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुँअर बेचैन जी की स्मृतियों को जनमानस में स्थायी रखने के उद्देश्य से न्यास लगातार प्रयत्नशील है, कविता परम्परा का भारत में निर्वहन डॉ. बेचैन जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।’

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. प्रेरणा ठाकरे को स्वर्णाक्षर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

काव्य दीप सम्मान से सम्मानित होने वाले मंचीय कवियों में राहुल कुम्भकार, ब्यावरा, शिवांगी शर्मा, भोपाल, आरती अक्षय गोस्वामी, देवास, आयुषी भण्डारी, इंदौर, अक्षत व्यास, कन्नौद,दामोदर वीरमाल, महु, मुस्कान राज, इंदौर, शिवा इन्दौरी, इंदौर, सचिन सावन, शाजापुर, नवीन कुमार नीर, बांधवगढ़, मनीष गोस्वामी, राजगढ़, गीतांजलि कश्यप, उज्जैन, रोहित शर्मा, इन्दौर, मौसम कुमरावत, बेंगलुरू, समर्थ भावसार, उज्जैन, आशीष पँवार, इंदौर, गोपाल गर्वित, देपालपुर, निहारिका प्रजापति, इंदौर, अंशुक द्विवेदी, इंदौर, वैष्णवी मीणा, इंदौर शामिल हैं।

matruadmin

Next Post

पुस्तक समीक्षा- उड़ान हमारे क़लम की

Thu Jun 29 , 2023
“उड़ान हमारे क़लम की” संकलन की संपादिका साधना ठाकुर हैं।इस संकलन में लेखक,लेखिका, कवि, कवयित्री द्वारा लिखे साहित्यिक लेख दस ,कविताएँ एक सौ तीस ,कहानियाँ लगभग सात है। यह पुस्तक युवा को कई प्रकार के प्रेरक और समाज का मार्गदर्शन करने में सकारात्मक संदेश देती है। इस पुस्तक में रचनाकारों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।