अमर प्रेम

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shubha
अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

रुदन हासमय गंध लिए मन,
दुर्गम पथ का कर अभिनन्दन।
मखत्राता मृत्युंजय बनकर,
कालवलय से लड़ता तनकर॥
कर विजित समर जीवन सारा।
रणबाँकुरा सुकोमल प्यारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

त्रयताप नहीं मन की थाती,
न हुई मुमूर्ष जीवन-बाती।
निनादित हो गोधूलि बेला,
ज्यों पतझड़ भी हो अलबेला॥
दुखमय जीवन हँस स्वीकारा।
ऋतुराज अचम्भित है हारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

स्वप्न बुनेंगी अभिलाषाएँ,
स्वयंवरा हैं जिजीविषाएँ।
अतीत अत्याज्य अलौकिक है,
सदा अनागत ही मौलिक है॥
स्वयंसिद्ध अविरल जलधारा।
है ऐसा ही प्रेम हमारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

इक प्राण ,सखे ! हैं दो तन में,
अन्य नहीं कोई चिन्तन में।
तुम हो तो तन है इस जग में,
झंझा दुर्दिन हैं सब पग में॥
हिय-दृग ने बस तुम्हें निहारा।
‘अधर’ खिले पा साथ सहारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

           #शुभा शुक्ला मिश्रा ‘अधर’

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।