अमर प्रेम

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shubha
अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

रुदन हासमय गंध लिए मन,
दुर्गम पथ का कर अभिनन्दन।
मखत्राता मृत्युंजय बनकर,
कालवलय से लड़ता तनकर॥
कर विजित समर जीवन सारा।
रणबाँकुरा सुकोमल प्यारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

त्रयताप नहीं मन की थाती,
न हुई मुमूर्ष जीवन-बाती।
निनादित हो गोधूलि बेला,
ज्यों पतझड़ भी हो अलबेला॥
दुखमय जीवन हँस स्वीकारा।
ऋतुराज अचम्भित है हारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

स्वप्न बुनेंगी अभिलाषाएँ,
स्वयंवरा हैं जिजीविषाएँ।
अतीत अत्याज्य अलौकिक है,
सदा अनागत ही मौलिक है॥
स्वयंसिद्ध अविरल जलधारा।
है ऐसा ही प्रेम हमारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

इक प्राण ,सखे ! हैं दो तन में,
अन्य नहीं कोई चिन्तन में।
तुम हो तो तन है इस जग में,
झंझा दुर्दिन हैं सब पग में॥
हिय-दृग ने बस तुम्हें निहारा।
‘अधर’ खिले पा साथ सहारा॥

अनुपम है चिर नूतन न्यारा।
अमिट अमर प्रिय! प्रेम हमारा॥

           #शुभा शुक्ला मिश्रा ‘अधर’

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।