मातृशक्ति

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teena jain

ये दुनिया वृक्ष है,इसका तना मेरी माँ l
समाज उसका फल है तो उसे सींचती ये मातृशक्ति ll
ठूँठ बाल जीवन को,हरा-भरा करती मातृशक्ति l
स्वयं शक्ति का रूप,पर रक्षा का बंधन करती मातृशक्ति ll
खुद पवित्रता की मूरत,पर अग्नि परीक्षा देती मातृशक्ति l
घर ही नहीं,शासन भी चलाती मातृशक्ति ll

जग का कल्याण करने चली,छोड़ यशोधरा अकेली मातृशक्ति l
अपने फर्ज पर,अपने दूध का कर्ज का उतारती मातृशक्ति ll
अपना दामन बचाने को जौहर भी कर जाती मातृशक्ति l
अपने सम्मान की रक्षा करने बाँध शिशु को पीठ पर युद्ध में उतर जाती मातृशक्ति ll
भूत नहीं,वर्तमान भी नतमस्तक है मातृशक्ति l
मेरे शब्दों की अपनी सीमा मेरा कण-कण समर्पित
मातृशक्ति ll

                                                        #टीना जैन

परिचय: टीना जैन पुश्तैनी परम्पराओं के लिए प्रसिद्ध राज्य राजस्थान से है। १९८० में आपका जन्म हुआ और शिक्षा स्नातक सहित एम.ए., बी.एड. तथा एम.एड. भी है। बतौर गृहिणी आप शहर उदयपुर के खेरवाड़ा (तहसील रोड) में रहती हैं। आपकी रुचि कविता लेखन में है।

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।