जय स्कंद माता

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नवरात्र पंचम दिवस विशेष कविता
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रुप सौंदर्य लिए अद्वितीय आभा
स्कंद कुमार (कार्तिकेय)की माता ।
चार भुजा कमलासन पर विराजे
पुत्र नाम से कहलाई स्कंद माता ।।
विशुद्ध मन को शुद्ध करती माता
करती हर मुराद पूरी स्कंद माता ।
संतान प्राप्ति की मनोकामना भी
करती पूरी जो भक्त द्वार पे आता ।।
असुरों का नाश करें रक्तदंतिका माता
पुत्र,भक्त की हैं यह भाग्य विधाता ।
माता को प्रिये लगे केले का भोग
मोहक लगे पंचम रुप मे स्कंद माता ।।
ममता का महासागर हैं स्कंद माता
पालन, पोषण, संस्कार हैं स्कंद माता ।
कहें स्कंद माता संतानों से मत भेजों
वृध्दाश्रम , रक्षाकवच हैं माता-पिता ।।
# गोपाल कौशल
परिचय : गोपाल कौशल नागदा जिला धार (मध्यप्रदेश) में रहते हैं और रोज एक नई कविता लिखने की आदत बना रखी है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।