सपनों का भारत

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surendra aagi
नहीं रोती है आँखें अब,
किसी के बुझे चुल्हे पे
भूख से तड़पते बच्चों पर,
नहीं आता है रहम किसी कोl 
 
नशे में डगमगाते युवाओं के कदम,
नहीं जाता है ध्यान किसी का
बेटे की याद में बिताते पल पर,
टूटती सांसों की डोर परl 
 
नहीं थामता हाथ वृद्धजनों का,
बेटियों की लुटती अस्मत पर
नहीं उबलता खून किसी का,
सरहद पर कटते सिरों काl 
 
नहीं मांगता हिसाब कोई,
गद्दारों की जहरभरी बातों पर
नहीं रोष दिखाता है कोई,
सब मस्त हैं अपने-आप में
चापलूसी के मंत्रजाप मेंl 
 
ये तो नहीं था मेरे, 
सपनों  का  भारत
मेरे बापू का भारत,
मेरे राम काभारत
मेरे कृष्ण का भारतl 
 
मैं मन ही मन सोच रहा हूं, 
ऐ मेरे सपनों के भारत
तुझे मैं ढूंढ रहा हूंll 
                                                        #सुरेन्द्र अग्निहोत्री ‘आगी’
परिचय: सुरेन्द्र अग्निहोत्री ‘आगी’ ने बी.काम.और डी.एड. के साथ ही  एम.ए(हिन्दी तथा इतिहास) भी किया है। १९६२ में ६ जुलाई को जन्मे और पढ़ाई के बाद शिक्षक बने। आप छत्तीसगढ़ के जिला महासमुन्द में निवास करते हैं। छत्तीसगढ़ी और हिन्दी भाषा में आपकी २ किताब शीघ्र ही छपकर आने वाली हैं।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।