भंवर

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rashmi abhay
ये रिश्ते…
पतवार और सफ़ीने के…
बहुत मजबूत और…
बहुत कमजोर भी हुआ करते हैं…
मुझे तैरना नहीं आता…
और भँवर अनंत है…
विस्तृत आकाश में…
मैं उड़ना नहीं चाहती…
इसलिए कहती हूँ कि ज़िंदगी को…
हमवार रहने दो…
क्यूंकि मुझे तुमसे नहीं…
तुम्हारी आवाज़ की नमी से
डर लगता है।

                                                                     #रश्मि अभय

परिचय : रश्मि अभय का पैतृक स्थान महाराजगंज(सीवान,बिहार) है।आपकी शिक्षा बीए,एलएलबी सहित बैचलर इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज़्म है। संप्रति स्वतंत्र पत्रकार और लेखन की है। एक राजनीतिक पत्रिका की ब्यूरो चीफ हैं। समृद्धशाली उच्च मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी ‘रश्मि’ को लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से ही रहा,मगर इसे कार्यरूप में इन्होंने करीबन 10 साल पहले शुरू किया। प्रकाशित पुस्तकें-सूरज के छिपने तक,मेरी अनुभूति,उमाशंकर प्रसाद स्मृति ग्रंथ शब्द कलश'(साझा संग्रह,सहोदरी कथा सोपान (साझा संग्रह)एवं सौ कदम
(साझा संग्रह)आदि आपके लेखन के गवाह हैं। कुछ पुस्तकें भी आने वाली हैं। आप लेखन में ब्लॉग पर भी सक्रिय हैं और पटना(बिहार)में रहती हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।