फ़ौजी रक्षक देश के

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shivam kumar
नेता संसद में पड़े,सदा उड़ाते मौज।
सीमा पर यारों सुनो,सैनिक मरते रोज॥
भारत माँ के लाड़ले,सच्चे सैनिक वीर।
दुश्मन का देते सदा,यार कलेजा चीर॥
फ़ौजी रक्षक देश के,इनसे अपनी शान।
निर्भय  होकर जंग में,देते अपनी जान॥
सैनिक भारत देश के,सच में बड़े महान।
अपने दिल से कीजिए,सब इनका सम्मान॥
जिनकी रक्षा के लिए,हाथ लिए हथियार।
वे ही क़ाफ़िर कर रहे,अब सेना पर वार॥
कैसी ये सरकार है,कैसा ग़ज़ब विधान।
एक तरफ सैनिक मरें,दूजी तरफ किसान॥
सैनिक नित होते रहे,सरहद पर कुर्बान।
राजनीति करती नहीं,उन वीरों का ध्यान॥
कभी यहाँ सेना मरे,मरते कभी किसान।
सरकारें लेंगी भला,कब हलधर का ध्यान॥
सीमा पर नित खेलते,वीर मौत का खेल।
मोदी  की  सरकार है,हर  वादे  में  फेल॥
भारत माँ के लाड़ले,ले हाथों हथियार।
‘शिवम्’ सदा हँस देश पर,करते जान निसार॥
                                                                 #शिवम् कुमार ‘आजाद’
परिचय: शिवम् कुमार ‘आजाद’ ओजवादी कवि के रुप में चर्चित हैं। मात्र १७ बरस के शिवम् एक त्रैमासिक पत्रिका के सह-सम्पादक होकर कक्षा १० वीं में अध्यनरत हैं। नगर सिकंदराराऊ (जिला-हाथरस) में रहते हैं। लेखन विधा में प्रमुख रूप से गीत,ग़ज़ल,दोहे,छन्द,कुण्डलियां आदि है। अनेक काव्य मंचों से काव्यपाठ कर चुके हैं। इसके लिए कई स्थानों पर अभिनंदन प्राप्त किया है।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।