बस रहने दो, बस रहने दो । और ज़हर न घोलो । तन में घोला, मन में घोला, जन-जन में विष नफ़रत का घोला । अब तो सब जन मिलकर ये बोलो !!!!! बस रहने दो, बस रहने दो, और ज़हर न घोलो ।।1।। जल में घोला, हवा में घोला, […]

उसी पे चाँद है बादल उसी पे पानी है मेरा ज़मीन से रिश्ता भी आसमानी है वो एक शख़्स है काहिल मगर है दौलत भी किसी किसी पे खुदा की भी मेहरबानी है रखेगा किस तरह आखिर मुझे छुपाए हुए मैं जनता हूं कि खुशबू वो ज़ाफ़रानी है शहर का […]

ये दुराचार कब खत्म होगा ? कब तक बेटियाँ असुरक्षित रहेंगी मासूम बेटियाँ कब तक इन दरिन्दों का शिकार  होती रहेंगी? लगता है हर जगह हैवान घूम रहे  है। जो बालाओं का  अपहरण कर रहे  हैं दुष्कर्म कर रहे हैं नोच – नोचकर  खा रहे हैं। क्या बेटियाँ घर  से […]

कितनी माताओं की, सूनी हो गई गोद। तरसे होंगे रोटी के लिए, असंख्य अबोध। इस बँटवारे का, नगर कितना लम्बा है ? अनगिनत स्त्रियों का, संसार सूना हो गया। मुस्कुराती बगिया का, चमन वीरान हो गया। कपोलों पर सूखा, सागर कितना गहरा है ? रक्षाबंधन पर कितनी राखियां, सिसकी,तड़पी होंगी। […]

महाविद्यालय चाहे तो स्नात्कोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू कर सकता हैl राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ही अब चिकित्सा महाविद्यालय की मान्यता देगा,हर साल चिकित्सा महाविद्यालय को नवीनीकरण हेतु चिकित्सा परिषद् में चक्कर न लगाकर यह आयोग भी मामलों को देखेगाl हर वर्ष का निरीक्षण ख़त्म कर दिया गया है,अब हर दिन ऑनलाइन नजर होगीl ४७९ चिकित्सा महाविद्यालय में से ३५० ऑनलाइन जुड़ चुके हैंl अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग […]

वे लोग जो बीच सफर में छोड़ जाते हैं, वही तो हमें अकेला चलना सिखाते हैं। समझ नहीं आता मुझे इश्क़ का फ़लसफ़ा, जब भी समझना चाहते हैं,उलझ जाते हैं। उनको देखकर मुस्कुराना मजबूरी है मेरी, ये अलग बात है नम आँखों से भी मुस्कुराते हैं। अश्क़ हमेशा तूफाँ बनकर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।