32वें विश्व पुस्तक मेले 2024 में संस्मय प्रकाशन भी होगा सहभागी

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हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए संस्मय प्रकाशन की ग्रन्थ माला ।

नईदिल्ली। प्रत्येक वर्ष नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला आयोजित किया जाता है। शनिवार 10 फ़रवरी से रविवार 18 फ़रवरी 2024 के बीच होने वाले इस मेले में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प संस्मय प्रकाशन द्वारा हिन्दी साहित्य सम्बंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। संस्मय की संचालिका शिखा जैन एवं प्रबंधक भावना शर्मा ने बताया कि ‘संस्मय प्रकाशन द्वारा विविध विषयों पर किताबें प्रकाशित की गई हैं, जैसे अध्यात्म, राष्ट्ररक्षण, धर्म, भाषा विमर्श, पत्रकारिता, मीडिया पर विमर्श, कहानियाँ, कविताएँ, ग़ज़ल, बालसंस्कार इत्यादि। संस्मय द्वारा अब तक लगभग सौ से अधिक लेखकों की पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है। पुस्तक-प्रदर्शनी में हिन्दी भाषा के प्रचार सम्बंधित ग्रन्थ, किताबें भी शामिल हैं। पुस्तक संपदा का लाभ लेने के लिए विश्व पुस्तक मेला में अवश्य अवलोकन करें।’

दिनांक : 10 से 18 फ़रवरी 2024
समय : सुबह 11 से रात 8 तक
स्थल : प्रगति मैदान, नई दिल्ली

हिन्दी : हॉल क्र. 2, स्टॉल क्र. एम 26

Visit online store : www.sansmay.com

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।