बिटिया के नामकरण के शुभ अवसर पर किया वृक्षारोपण

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आगरा |

आधुनिक युग में बेटियों की गर्भ में ही भ्रूणहत्या कर दी जाती है, हालांकि अब सरकार ने कानून बनाकर इस पर रोक लगा दी है । लेकिन अब भी कुछ शैतान चोरी-छिपे भ्रूणहत्या जैसे घिनौने कार्य कर रहे हैं । यह बात किसी से छिपी नहीं है कि आज बेटियां भी बेटों से कम नहीं…, बहुत ही सुखद खबर है कि एक बिटिया के नामकरण के शुभ अवसर पर 501 पौधों का वृक्षारोपण किया गया । अधिकांश सर्व समाज के लोग अपने बेटे- बेटियों के नामकरण के अवसर पर कथा-भागवत, कीर्तन, सामुहिक भोज आदि करवाते हैं लेकिन फतेहाबाद के युवा कलमकार अवधेश कुमार निषाद मझवार ने घर में बिटिया नामकरण के अवसर पर पौधे लगाए हैं । बेटी के जन्म पर घर – परिवार में बहुत खुशी का माहौल है । समाज के विभिन्न सम्मानित समाज सेवियों ने व सोशल मीडिया के माध्यम से युवा कलमकार को बधाईयां दी साथ ही सम्मानित महानुभावों ने घर पर आकर मिठाई खिलाकार शुभकामनाएं दीं |

जब उनकी बिटिया के नामकरण का समय आया तो युवा कलमकार ने कहा कि कथा भागवत करके हम धर्म रुपी कर्मकांडों को बढ़ावा देना नहीं चाहते, जब कि इन सब क्रिया कलापों से कुछ होने वाला नहीं । हम एक नही पहल के तहत पर्यावरण को बचाने के लिए बिटिया के नामकरण पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया है | सभी उपस्थित महानुभावों ने ग्राम पंचायत के अर्न्तगत प्राथमिक विद्यालय, सार्वजनिक स्थलों एवम् मंदिर आदि के प्रांगण में वृक्षारोपण करके बिटिया को आशीर्वाद दिया ।

बिटिया का नाम निवेदिता रखा गया | उसके बाद वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया | मुख्य अथिति के रूप में फतेहाबाद से माननीय विधायक श्री जितेन्द्र वर्मा जी मौजूद रहे । बेटी को स्नेह भरा आशीर्वाद दिया । घनघोर बारिश में वृक्षारोपण किया | उनके साथ ही हरियाली मिशन के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार, भारतीय जनता पार्टी फतेहाबाद मंडल अध्यक्ष नितिन कुमार पंछी, पत्रकार संजीव शर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सेवक मल्ल, एडवोकेट वेदन श्रीवास्तव, सतीश ज, मनीष जी, काशीराम वर्मा, मुन्ना लाल, रवि फोरन सिंह, कमल सिंह, विनोद, जगत सिंह, राजू एवं प्राथमिक विद्यालय पूठपुरा के प्राचार्य श्री भोलाराम यादव जी, अध्यापक पदम सिंह वर्मा जी आदि लोगों ने पौधे लगाये । इसके साथ ही सम्मानित महानुभावों ने बेटी को आशीर्वाद दिया ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।