ख़बर भड़ास ने मानव सेवार्थ उपलब्ध करवाया सेनेटाइजर

0 0
Read Time1 Minute, 28 Second

इन्दौर। भाषा एवं मानव मात्र की सेवा के लिए संकल्पित मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प सेवा सर्वोपरि को ख़बर भड़ास एवं दैनिक लोकहित ख़बर के प्रधान संपादक जगदीश जोशी ‘प्रचण्ड’ द्वारा 125 बोतल (100ML) सेनेटाइज़र वितरण के लिए उपलब्ध करवाया गया।

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘कोरोना से जहाँ भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व जूझ रहा है ऐसे दौर में गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए जगदीश जोशी प्रचण्ड द्वारा सेनेटाइजर उपलब्ध करवा कर सहायता प्रदान की, जिसका सेवा सर्वोपरि प्रकल्प के साथी कोरोना सुरक्षा कीट बनाकर लोगों को उपलब्ध करवाएंगे।’ इसी के साथ डॉ जैन ने श्री जोशी एवं उनकी टीम का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रकल्प के संयोजक अमित जैन मौलिक, गणतंत्र ओजस्वी, भावना शर्मा, डॉ. नीना जोशी, शिखा जैन के द्वारा जगदीश जोशी, चेतन जोशी सहित ख़बर भड़ास का आभार व्यक्त किया।

matruadmin

Next Post

नई सोच

Thu May 20 , 2021
शून्य में देखता हूं तो शून्य ही नज़र आता है आत्म स्वरूप में झांका तो स्वयं में स्वयं नज़र आता है अन्तःकरण में झांका तो परमात्मा नज़र आता है यानि जैसा हम चाहते है वैसा ही हम देखते है जैसा भी हम चाहते है वैसा ही हम कर सकते है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।