प्यार

जब मिले किसी से नजरे
जब मिले किसी से दिल।
समझो की प्यार तुम्हें
अब होने लगा है।।

जिंदगी की दास्तान
चाहे कितनी हो हसीन।
बिन तुम्हारे कुछ नहीं
बिन तुम्हारे कुछ नहीं।
एक साथ की जरूरत
हर किसी को होती है।
है अगर वो नर तो
चाहिए एक मादा उसे।
ये ही प्रकृति का है नियम
नर और मादा का हो संगम।
इसी तरह से संसार चले
इसी तरह से संसार चले।।
जब मिले किसी से नजरे
जब मिले किसी से दिल ..।।

है अगर मोहब्बत किसी से
तो इसका इजहार करो।
अपने दिलकी भावनाएं
सामने वाली से कहो।
होगा उसको भी प्यार
तो वो करेगी इकरार।
और मुस्कराकर के
देगी तुमको वो उपहार।
ऐसे ही होती है प्यार
मोहब्बत की शुरुआत।
जिसको मिलती है ये
जीवन खिल जाता उसका।।
जब मिले किसी से नजरे
जब मिले किसी से दिल।
समझो की प्यार तुम्हें
अब होने लगा है।।

जय जिनेंद्र देव
संजय जैन, मुंबई

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