वेलेंटाइन डे स्पेशल 

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jaswant
अपनी अपनी मोह्हबत में , प्रेम के गीत गाते ।
आजकल के प्रेम दीवाने ,वेलेंटाइन डे मनाते ।।
होली और दीवाली के जैसे, प्रेम त्यौहार मनाते ।
लाखों प्रेम के पुजारी, सब अपना प्यार दिखाते ।।
तरह-तरह के दिन मना , एक दूजे को बहलाते ।
अपने सनम को गुलाब देकर ,  रोज डे मनाते ।।
फिर आता शुभ दिन ,जब बात दिल की बताते ।
इजहार-ए-इश्क करके , देखो प्रपोज डे मनाते ।।
छोटे बच्चे के जैसे,चॉकलेट एकदूजे को खिलाते ।
महंगी – महंगी चॉकलेट देके ,चॉकलेट डे मनाते।।
प्यार के त्यौहार में,खिलौना उपहार में दिलाते ।
बड़ा- सा  टेडी देकर , आशिक टेडी डे मनाते ।।
प्यार , मोहब्बत , इश्क में , वादे हजार निभाते ।
साथ जीने का वादा करके , प्रॉमिस डे मनाते ।।
प्रीत का रोग लग जाता ,समर्पित दोनो हो जाते ।
गुलाबी लबों का चुम्बन करके , किस डे मनाते ।।
महोब्बत में भरोसा करके,जीवन सफल बनाते ।
एक दूजे से आलिंगन करके,प्रेमी हग डे मनाते ।।
एकदूजे में खो जाते,फिर अपनी दुनिया बसाते ।
प्यार,समर्पण व विश्वास से, वेलेंटाइनडे मनाते ।।

नाम – जसवंत लाल बोलीवाल ( खटीक )

पिताजी का नाम – श्री लालूराम जी खटीक ( व.अ.)

माता जी का नाम – श्रीमती मांगी देवी

धर्मपत्नी – पूजा कुमारी खटीक ( अध्यापिका )

शिक्षा – B.tech in Computer Science

व्यवसाय – मातेश्वरी किराणा स्टोर , रतना का गुड़ा

राजसमन्द ( राज .)

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।