मकर सक्रांति का संदेश

Read Time0Seconds

राम को जपो श्याम को जपो
जपो ब्रहमा विष्णु महेश को।
पर मत छीनो लोगों से
तुम उनके अधिकारो।
राष्ट्र चरित्र का तुम सब
कब करोंगे निर्माण?
बहुत हुआ खेल अब
जाती धर्म का देश में।
कुछ तो अब शरम करो
देश के निर्माताओं।
कितने सारे त्यौहार
एक तिथि पर पड़ते है।
जो की अलग अलग
धर्म वालो के होकर भी।
एक जैसे ही लगते है
चाहे हो मकरसक्रांति
या हो वो पोंगल आदि।
फिर क्यों धर्म के नाम पर
नफरत के बीज वोते हो।
और देश के भाईचारे को
क्यों मिटाने पर तुले हो।
नहीं किया जब भेदभाव
उस दुनियां को बनाने वाले ने।
फिर तुम कैसे मिटा पाओगें
उसकी बनाई दुनियाँ को।
क्यों लिया जन्म देवीदेवताओं ने
भारत की इस भूमि पर।
क्यों नहीं लिया जन्म
उन्होंने किसी और देश में।
जरा गम्भीर होकर के सोचो
तुम सब इस मूल बात को।
रघुपति राघव राजा राम
पति के पावन सीताराम।
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सभी को बुध्दि दे भगवान।
सोच विचारकर करो
एकता वाले तुम काम।
तभी अमन चैन शांति
स्थापित देश में हो पायेगीं।।

सभी देशवासीयों को मकर सक्रांति पोंगल लोहरी आदि की बहुत बहुत बधाई और शुभ कामनाएं।

जय जिनेंद्र देव
संजय जैन (मुंबई)

0 0

matruadmin

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।