जा रहा हूँ….

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जा रहा हूँ,
मैं हूँ साल दो हज़ार बीस,
क्षमा करना,
नफ़रत स्वाभाविक है,
छीना जो है बहुत कुछ,
बच्चों से पिता को,
बहन से भाई को,
पत्नी से पति को,
ना जाने कितने
रिश्तों से रिश्तों को,
कारोबार, ऐशो आराम, सुख चैन,
फ़ेहरिस्त लंबी है, द्वेष है,
क्रोध है, नाराज़गी है,
इच्छा यह सभी की है,
कब जाओगे,
कब आएगी चैन की नींद,
जा रहा हूँ, मैं हूँ
साल दो हज़ार बीस।।

लौटाया भी है बहुत कुछ मैंने,
नदियों को साफ़ पानी,
पेड़ों को हरियाली,
पहाड़ों को झरने,
बेघर पशु-पक्षियों को घर,
धड़कनों को सांसें,
जीवन को अर्थ,
रिश्तों को प्यार,
बागों में फूलों की बहार,
सर्दी की बर्फ़,
गर्मी को ठंडी हवाएं,
सूखे को बरसात,
ज़िंदगी को मौसमी सौगात,
रखना याद
हर हार के बाद है जीत,
जा रहा हूँ,मैं हूँ
साल दो हज़ार बीस।।

दुखों को नहीं
खुशियों को याद रखना,
मिली है जो सीख,
उसे संभाल रखना,
प्रकृति से
अब और मत खेलना,
संसार सब का है,
याद रखना,
ज़्यादा नहीं,थोड़े की है ज़रूरत,
लालच भरी ज़िंदगी की,
बदलनी है सूरत,
खुशियों से भरा साल
दो हज़ार इक्कीस है नज़दीक,
जा रहा हूँ, मैं हूँ
साल दो हज़ार बीस।।©

खान मनजीत भावड़िया मजीद गांव भावड तह गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा

matruadmin

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।