नया साल मुबारक हो!!!

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नये साल के जश्न में डूबी रात मुबारक हो
वही मुल्क और वही हालात मुबारक हो ।
वही सुबह, वही शाम, वही नाम ,वही काम
वही उम्मीदों की झूठी सौगात मुबारक हो ।
वही मिलना, बिछड़ना,रूठना और मनाना
ज़िंदगी से फिर वही मुलाकात मुबारक हो ।
तकनीकी तरक़्क़ी और खोखली रंगरलिया
दम तोड़ती तहजीब की वफ़ात मुबारक हो ।
बेलगाम नयी पीढ़ी, लिए खुदगर्ज़ी की सीढ़ी
रिश्तों ,रिवाजों से दिलाते नीज़ात मुबारक हो ।
लूट,मार, व्यभिचार, भ्रष्टाचार और ब्लात्कार
अन्धा कानून और बेजा हवालात मुबारक हो ।
आत्महत्या करते किसान,बेरोजगार नौजवान
आतंकित समसामयिक सवालात मुबारक हो ।
शोर शराबा ,अश्लील पहनावा और नंगा नाच
गालियों से भरे बेसुरे भद्दे नगमात मुबारक हो ।
मुद्दों से भटके चैनलों पे चर्चे,बेशर्म नुमाइंदों के
करते टीवी पे बद ज़ुवानी फंसादात मुबारक हो
हर बार की तरह ,हर साल की तरह हम सब को
अजय,उम्मीद पे कायम ये कायनात मुबारक हो ।
-अजय प्रसाद

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नया साल

Thu Dec 24 , 2020
नए साल का नया त्योहार लाऊंगा करीब से देखो – बहुत सितारों में मैं एक नई रोशनी लेकर आऊंगा मैं तुम्हें न्याय के दिन के करीब लाऊंगा मैं तुम्हारी इन बेदम सांसों के लिए एक उद्देश्य लाऊंगा कड़वी यादें जो रह जाती हैं मैं उन्हें भूलने का एक तरीका लाऊंगा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।