हर न्यूज़ एंकर है कहता,वो सच बता रहा है इसी तरह अवाम को बेवकूफ बना रहा है । रवीश,सुधीर,ओम,अर्णव,प्रसून या हो रजत हर कोई अपने लिए टी आर पी बढ़ा रहा है । ब्रेकिंग न्यूज़,पूछता है भारत ,आज की बात दर्शकों के मुताबिक ही परोसा जा रहा है । विज्ञापन […]

ढूंढता हूं जिसे कि, वो मुझे नहीं मिलती चाहता हूं जिसे कि, वो मुझे नहीं मिलती दर्द का रिश्ता हमारा रहा है सदियों से दुकां में ढूंढी खुशी, वो मुझे नहीं मिलती।। मिली जो पहली नजर, वो मुझे नहीं मिलती रखा था जिसकी खबर, वो मुझे नहीं मिलती तरस गये […]

तू तो मुझको याद है चाहे, याद मेरी तुझे न आये इतना सदा याद रखना कि, तुझ बिन कुछ भी ना भाये। बरसातें ये रिमझिम रिमझिम, कतरा कतरा यादें हैं बारिश की बूंदों सी टिप-टिप, आंख से गिरते वादे हैं थोड़ा भी ना बदल सके हम, आज भी कितने सादे […]

लिखता इमारतों के आसमानी गुरूर की इबारत लुटा दी, जिसके लिए देहातों ने अपनी अल्हड़ यौवन की पूंजी ले सतरंगी सपनों की झिलमिल जो आए थे माया के नगरों में बुझ गई, उम्मीदों की मशालें तमाम बचे अंगारों की राख, करते नीलाम, गुलामी के बाजारों में तड़पते, बिलखते, भूखे बचपन […]

प्रेम की बातें अचानक बेइमानी हो गई आजकल तो प्रेम करना जान जानी हो गई। ना करूं स्पर्श उनका ना लगाएं अब गले पहले क्या था और देखो क्या कहानी हो गई।। देखकर मुझको वो खुद मेरी दिवानी हो गई लत मोहब्बत की लगी और वो रुहानी हो गई। अब […]

दुनिया में उसको छोड़ ना परवाह किसी की आ जाये बिना बुलाये कभी याद किसी की तस्वीर गर जो आंखों में बस जाय किसी की कहते है दुनिया वाले कि यही तो इश्क है। दीदार उनका करने को जो दिल रहे बेताब उनके बगैर दुनिया में सब कुछ लगे खराब […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।