डॉ सुरेन्द्र जैन ने अपने ऊपर कराया कोरोना के टीके का परीक्षण

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कोरोना से बचने हेतु सावधानी बरतने व टीके के परीक्षण हेतु आगे आने का किया आह्वान

रोहतक। नवंबर 21, 2020। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संयुक्त महा सचिव डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइन्सेज में कोरोना महामारी से बचाब हेतु बनाए जा रहे टीके का परीक्षण अपने ऊपर कराया। परीक्षण टीका लगाने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए डॉ जैन ने कहा कि टीके के तीसरे दौर का परीक्षण जारी है। इसका क्लिनिकल ट्रायल 25000 स्वयंसेवकों पर होना है। इसके बाद ही इसका अंतिम परिणाम आएगा। अत: अधिकाधिक लोगों को मानवता की रक्षार्थ इसके परीक्षण हेतु आगे आ कर अपना पंजीयन कराना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की विभीषिका से बचने हेतु सभी देशवासी इसके बचाव हेतु उपलब्ध उपायों ब दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। अर्थात् मास्क लगाकर रखें, दोगज दूरी रखें तथा बार-बार हाथ धोते रहें। हम सभी के द्वारा युद्ध स्तर पर किए गए इन प्रयासों के माध्यम से ही कोरोना के विरुद्ध युद्ध में हम विजयी हों सकेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर ओ॰पी॰ कालरा की उपस्थिति में एलपीएस बोसार्ड के प्रबंध निदेशक श्री राजेश जैन ने भी परीक्षण टीका लगवाया।

जारीकर्ता
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता,

विश्व हिंदू परिषद

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।