सब्र

Read Time0Seconds

कर ले सब्र तू मेरे यारा ,
वक्त तेरा भी आएगा।
कड़वे सब्र का सुन यारा,
मीठा फल तू पाएगा।

भटके हुए को राह दिखाना,
टूटे हुए को सब्र बंधाना।
बेबस लाचार गरीबों की,
मदद को आगे हाथ बढ़ाना।

चीर कलेजा पर्वत का तू,
निर्मल जलधार बहाना।
अम्बर का तू चीर के सीना,
पवन वेग से बतलाना।

बिना तराशे हीरा भी ,
कहां कभी निखरता है,
बिना तपे सोना भी ,
कहां कभी चमकता है।

कछुए से पूछो मेरे यारा,
महत्व सब्र का क्या होता ।
मंजिल पर हो जब नजर,
कौन हमें भटका सकता ।

पापी से नहीं सुन यारा,
घृणा पाप से करना तू ।
लालच हिंसा दुर्व्यसनों से,
यारा बच के रहना तू।

अर्जुन जैसा तू साध निशाना,
करके खुद पर विश्वास जरा।
मिलेंगी तुझको मंजिल यारा,
कर ले प्रभु पर विश्वास जरा।

ढाई अक्षर के ‘ सब्र ‘ शब्द ,
जीवन का सार बतलाता है।
हर मुश्किल से लड़ने की,
हमको हिम्मत दे जाता है।

जब जब टूटा है बांध सब्र का,
तब तब सैलाब आया है।
बड़े बड़े शूरवीरों का अहम,
मिट्टी में मिलाया है।

सब्र करे निर्माण तो ,
सब्र विनाश भी करता है।
सब्र पर टिकी है धरती माता,
तू याद क्यों नहीं रखता है

सपना सिंह
औरैया(उत्तरप्रदेश)

2 0

matruadmin

Next Post

जिंदगी एक किताब….

Wed Aug 26 , 2020
जिंदगी एक किताब रिश्ते नातों के कई टांको से जुड़ती है जिंदगी लिखे जाते हैं कई सपने ,कई संवाद कुछ सुनहरी सी स्याही से कुछ सतरंगी से लिखकर कुछ काली से हर पन्ना जैसे अलग ही गाथा लिए रहता है बखान करता है अपने दर्द को ,मर्म को सुनहरी स्याही […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।