तू ही मेरी मदर है, तू ही मेरी माता, तू ही अम्मा, आई मेरी, तू ही है जग माता। मुझको दिया है जीवन तूने, तूने ही मुझको पाला, खून से अपने सींचा तूने, हर पल में तूने ही मुझे संभाला। उंगली पकड़कर तूने मां चलना सिखलाया मुझको , लड़खड़ाए जब […]

हिम्मत हार मत बंदे, किस्मत रंग लाएगी। रुलाया है यदि तुझको, तो एक दिन हंसाएगी । मिलेगा फल तुझे मीठा, रख ले सब्र तू थोड़ा। अपनाएंगे वो तुझको, जिन्होंने आज है छोड़ा। कमर तू कस ले आे यारा, अब कुछ कर दिखाना है, ना दे साथ यदि कोई , अकेले […]

बोझ ना समझो बुजुर्गो को तुम, बुजुर्गों से ही है वजूद तुम्हारा। बुजुर्ग ना होते तो तुम कैसे होते, नामों निशान ना तुम्हारा होता। रूखा सूखा खुद ही खा कर, अच्छा भोजन तुम्हे खिलाया। कितनी रातें खुद ना सोए, लोरी गा कर तुम्हे सुलाया। उंगली पकड़कर चलना सिखाकर, अच्छे बुरे […]

तू भी नश्वर , मैं भी नश्वर, नश्वर है ये दुनियां सारी। घमंड करे तू किस पर प्यारे, ये सांसे भी है प्रभु की उधारी। आए हैं हम प्रभु की कृपा से, प्रभु के पास ही जाना है। किसी को आगे ,किसी को पीछे, बस आना और जाना है। कुछ […]

मैं हूं छोटी सी ,छोटी सी ख्वाहिश, खूब पढ़ने और लिखने की ख्वाहिश । चांद तारों से मिलने की ख्वाहिश, बनके तितली सी उड़ने की ख्वाहिश। मैं हूं छोटी सी ……… सरिता सी कल कल बहने की ख्वाहिश, मेघों के जैसे बरसने की ख्वाहिश। फूलों के जैसे महकने की ख्वाहिश, […]

सांसों की सरगम, दिल की ये धड़कन, सुनाए मधुर गीत प्यारा। जाने कहां कब कैसे किधर ये, रुक जाए जीवन की धारा। सांसों की सरगम…….. आए हो जग में , तो कुछ कर के जाओ, ना गवाओ यूं जीवन सारा। एक बार ही मिलता है ये जीवन ना मिलेगा ये […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।