मेरी माँ

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gopal

(आज मातृ दिवस के अवसर पर विशेष )
किससे सुनूँ माँ,आज फिर वो लोरी,
कैसा था चंदा मामा कैसी थी चकोरी।
तेरी याद में माँ आज आंख भर आई,
पिला दो मुझको माँ वो नेह की कटोरी।।

वो धनिए की चटनी,चूल्हे की रोटी,
कहती थी इससे स्वस्थ रहती किडनी।
बड़े प्यार से करती थी माँ, मेरी चोटी
मुझे फिर से बांधं माँ, ला दूँ वो डोरी।।

झूला जो बांहों का तूने हँसकर झुलाया,
खाया खुद ने नहीं,पहले मुझे खिलाया।
माँ तेरा आंचल था बहुत ही चमत्कारी,
माँ के बिना यह दुनिया लगे मुझे कोरी।।
मत खिलौने की चिंता कर, खूब पढ़ लाल,
पूजे देवी-देवता सलामत रहे गोपाल।
तुम बस्ता उठाए चली स्कूल तक साथ,
स्मृतियां क्यों छोड़ गई,आजा मैया मोरी।।

                                                                            #गोपाल कौशल

परिचय : गोपाल कौशल नागदा जिला धार (मध्यप्रदेश) में रहते हैं और रोज एक नई कविता लिखने की आदत बना रखी है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।