‘परिन्दे की उड़ान’

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anurag

ऐ परिन्दे! उड़, अभी तेरी उड़ान बाकी है;
नजर ऊपर तो उठा,अभी पूरा आसमान बाकी है।
निर्मल-नील-गगन में गुनगुनाता चल;
नित्य-नए सफलता के गीत गाता चल।
जाना है जहां तुझे,अभी वो मुकाम बाकी है;
नजर ऊपर तो उठा,अभी पूरा आसमान बाकी है।
ओस की चादर को चीर के आगे निकल;
वृष्टि और उष्ण-अनिल के सामने न हो विफल।
बनानी है जो तुझे,अभी वो पहचान बाकी है;
नजर ऊपर तो उठा,अभी पूरा आसमान बाकी है।
ऐ ‘अनुराग’! तू भी इस परिन्दे के साथ चल;
दुःखियों का सहारा बन,इनके उत्कर्ष के लिए मचल।
क्योंकि तेरा भी कुछ है,जो अभी अरमान बाकी है;
नजर ऊपर तो उठा, अभी पूरा आसमान बाकी है।
ऐ परिन्दे! उड़, अभी तेरी उड़ान बाकी है;
नजर ऊपर तो उठा, अभी पूरा आसमान बाकी है।
                                                                           #अनुराग कुमार                                                         
परिचय : उत्तर प्रदेश के जिला महाराजगंज स्थित सिसवा में अनुराग कुमार रहते हैंl आपको कविताएं लिखना बहुत पसंद हैl  
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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।