प्रार्थना पत्र 04

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सेवा में,
श्री नरेंद्र मोदी जी,
प्रधानमंत्री भारत सरकार,
नई दिल्ली।
दिनांक: 11 जनवरी-2020।
विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की शीध्र अनुमति हेतु आवेदन पत्र।

आदरणीय महोदय

आदरणीय माननीय सम्माननीय सशक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आपके मन की बात से प्रेरित और प्रभावित होकर सी.ए.ए.के पक्ष में यात्रा समबंधित अनुमति हेतु यह मेरा चौथा प्रार्थना पत्र है।जिसकी प्रतिलिपियां अणुडाक द्वारा अपने सांसद जुगल किशोर शर्मा जी सहित सांसद शमशेर सिंह मन्हास जी व डा.जतिंद्र सिहं जी केंद्रीय राज्य मंत्री जी को भी भेजता हूँ।किंतु पदयात्रा की अनुमति तो क्या अभी तक मुझे स्थानिय भाजपा विधायक डा.कृष्ण लाल भगत जी व सांसद जुगल किशोर शर्मा जी ने मुझसे सम्पर्क तक नहीं साधा।
जबकि पत्रकारिता के क्षेत्रिय कार्य के समय में पंजाब केसरी व सुदर्शन न्यूज टीवी चैनल पर मैंने इनके समाचार निरंतर प्रकाशित एवं प्रसारित किए हुए हैं।अर्थात यह मुझे भलीभाँति जानते व पहचानते भी हैं।
प्रधानमंत्री जी हो सकता है कि कांग्रेसी विधायकों व सांसदों की भाँति भाजपा विधायक डा.कृष्ण लाल भगत व सांसद जुगल किशोर शर्मा भी किन्हीं कारणों से मुझसे नाराज व निराश हों।परंतु उक्त पदयात्रा तो आपके मन की बात से प्रेरित व गृहमंत्री के अमित शाह द्वारा राष्ट्रवादियों से किए आग्रह पर आरम्भ की जा रही है।इसलिए इन्हें इस पदयात्रा के सहयोग हेतु बढ़चढ़ कर आगे आना चाहिए।चूँकि मैंने इन्हें मतदान भी किया हुआ है।इस आधार पर भी इनकी चुप्पी विचारनीय है।जो चिंता का विषय भी है।
इसके अलाव प्रश्न यह भी स्वभाविक है कि मेरे साथ-साथ कहीं प्रधानमंत्री जी यह आपसे भी तो नाराज़ नहीं हैं,या मेरी प्रार्थना पत्र को मेरा पागलपन और पदयात्रा को राष्ट्रद्रोह मान रहे? आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय गृहमंत्री अमित शाह जी सहित मीडिया कर्मियों से भी मेरा विनम्र निवेदन है कि वह मेरे माननीय भाजपा विधायक डा.कृष्ण लाल भगत एवं सांसद जुगल किशोर से पूछें कि वह मेरी उक्त राष्ट्रहित में पदयात्रा पर चुप्प क्यों हैं?
जबकि दिल्ली से कर्मचारियों से लेकर भारतीय प्रशासनिक सेवा व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों द्वारा फोन के माध्यम से मेरा मनोबल बढ़ाते हुए मुझे सफलता की शुभकामनाएं दी जा रही हैं।इसी प्रकार देश के विभिन्न शहरों के राष्ट्रभक्त भी उत्साहित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री जी स्पष्ट करना चाहता हूँ कि उक्त पदयात्रा राष्ट्रहित में उसी प्रकार विख्यात होगी।जैसे न्यूटन द्वारा आम ना चूसकर ला आफ मोशन बनाया गया था।जो बाद में न्यूटनस ला आफ मोशन के नाम से विख्यात हुआ।
आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ऊपरोक्त विधायक एवं सांसद की चुप्पी तोड़ने हेतु मुझे आज एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर जी से एसडीएम कार्यालय से लेकर विधायक डा.कृष्ण लाल भगत के निवास नारायणा गाँव तक की पदयात्रा हेतु अनुमति दिलवाएं।चूंकि वह इस कनिष्ठ पदयात्रा की अनुमति देने में सक्षम भी हैं।मैं भीड़तंत्र से अलग अकेला ही पदयात्रा द्वारा जन चेतन व जन जागरूकता अभियान चला रहा हूँ। आशा है कि अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, देश को कठिन दौर से निकालने हेतु,समय की मांग को देखते हुए, माननीय एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर जी मुझे अपने कार्यालय से माननीय पूर्व विधायक डा.कृष्ण लाल भगत जी के निवास तक की लगभग दो अढाई किलोमीटर की पदयात्रा की अनुमति अवश्य देंगे।क्योंकि इससे अधिक मैं तिरंगा और राष्ट्र के नाम संदेश पुस्तिका लिए रोजाना पदयात्रा का अभ्यास करता हूँ।सम्माननीयों
जय हिंद

प्रतिलिपि सेवा में: (1) माननीय सांसद डा जितेंद्र सिंह जी, सांसद शमशेर सिंह मन्हास जी एव सांसद जुगल किशोर शर्मा जी सहित
(2) माननीय डीसी जम्मू और एसडीएम अखनूर व एसडीएम खौड़ एव कई अन्यों को सूचना एवं शीघ्र उचित कार्यवाही हेतु सादर अणुडाक अर्थात इमेल द्वारा भेज दी हैं।सम्माननीयों जय हिंद

प्रार्थी
इन्दु भूषण बाली
स्वयंसेवक पत्रकार चिंतक आलोचक लेखक शोधकर्ता एवं भारत के राष्ट्रपति पद का पूर्व प्रत्याशी
समीप महावीर मंदिर खौड़ कैंप
डाकघर व तहसील खौड़
जिला जम्मू
प्रदेश जम्मू व कश्मीर

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।