सेवा में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, दिनांक: 18 फरवरी 2020 विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की समय रहते तुरंत अनुमति हेतु आवेदन-पत्र। आदरणीय महोदय जय हिंद! माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आप व सशक्त गृहमंत्री अमित शाह जी के कड़े आदेश पर 15 फरवरी 2020 को […]

कैसे कह दूँ अपने अंदर की बात। छंट रही है धीरे-धीरे काली रात।। परिश्रम कर खूब पसीना बहाया। किन्तु मैं बदला ना मेरी औकात।। राष्ट्रभक्ति हमेशा भारी राष्ट्रद्रोह पे। तभी उनपे होती कष्टमय बरसात।। भावुकता में बहते वे बाँके सपूत। वश में न रहते देशभक्त जज्बात।। त्याग देशभक्ति का दूसरा […]

यह आवश्यक नहीं है।चूंकि डाक्टर की गलतियों को रोगी भोगते हैं।पिता की गलतियों को बच्चे भोगते हैं।उसी प्रकार बच्चों की गलतियों का दण्ड मां-बाप भोगते हैं।पत्नीयों की गलतियों को पति भोगते हैं और पतियों की गलतीयां प्राय: पत्नीयां भोगती हैं।राजनेताओं की गलतियों को देशवासी भोगते हैं।मतदाओं की गलतियों को राष्ट्रभक्त […]

सेवा में, श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली। दिनांक: 23 जनवरी 2020। विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की समय रहते तुरंत अनुमति हेतु आवेदन-पत्र। आदरणीय महोदय, आदरणीय माननीय सम्माननीय सशक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं गृहमंत्री अमित शाह जी मैंने राष्ट्रहित में एसडीएम […]

सेवा में, श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली। दिनांक: 11 जनवरी-2020। विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की शीध्र अनुमति हेतु आवेदन पत्र। आदरणीय महोदय आदरणीय माननीय सम्माननीय सशक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आपके मन की बात से प्रेरित और प्रभावित होकर सी.ए.ए.के पक्ष […]

व्यक्तिगत साहसिक कार्य के लिए दी गई रुपये-पैसे की मदद को ‘सब्सिडी’ अर्थात आर्थिक सहायता’ कहते हैं। जिसे भिक्षा कहना ‘साहसिक व्यक्तित्व’ का अपमान है।किंतु इस बात को भी झुठलाया नहीं जा सकता कि आर्थिक सहायता उसी को दी जाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होता है। ऊपरोक्त आर्थिक […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।