चतुर्वेद स्वाहाकार महायज्ञ का अंकुरार्पणम् कार्यक्रम भव्यता से संपन्न

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बड़ी संख्या में उपस्थित पूज्य संतों महिलाओं और बच्चों ने लिया वेद परिक्रमा यात्रा में भाग

 नई दिल्ली।  
 चतुर्वेद स्वाहाकार महायज्ञ का अंकुरार्पणम् कार्यक्रम बुधवार को भव्यता से दिल्ली के लक्ष्मी नारायण (बिड़ला मंदिर) में संपन्न हुआ. हैदराबाद के रामानुजाचार्य पूज्य चिन्न जीयर स्वामी जी के सानिध्य में 50 से अधिक वेद पंडितों व स्वामी राघवानंद जी महाराज जैसे अनेक श्रेष्ठ संतों के साथ कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह मा. डॉ कृष्ण गोपाल, विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य श्री दिनेश  चन्द्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रान्त संघ चालक श्री कुलभूषण आहूजा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम से पूर्व मंदिर (बिड़ला मन्दिर) के चारों और एक विराट वेद यात्रा भी निकाली गई. जिसमें बड़ी संख्या में पूज्य संतों महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया.

  ज्ञातव्य रहे कि वेदों के ज्ञान विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने हेतु विश्व हिन्दू परिषद के तत्वावधान में अशोक सिंहल फाउंडेशन व झंडेवालान देवी मंदिर के सहयोग से चतुर्वेद स्वाहाकार महा यज्ञ का लक्ष्मी नारायण (बिड़ला मंदिर) में आयोजित किया गया है. इस छह दिवसीय यज्ञ के आयोजन में ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अर्थवेद के लगभग 29 हजार से अधिक मन्त्रों का उच्चारण हैदराबाद के रामानुजाचार्य पूज्य चिन्न जीयर स्वामी के सानिध्य में 50 से अधिक वेद पंडितों द्वारा संपन्न किया जाएगा। इस दौरान रोजाना जीयर स्वामी प्रवचन भी देंगे तथा इसमें देश भर से अनेक संत, महंत, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व राजनैतिक जगत के अनेक गणमान्य लोग भाग लेंगे।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल

राष्ट्रीय प्रवक्ता

विश्व हिन्दू परिषद्

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।