दिल जलाया इस कदर

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sonu
दिल जलाया इस कदर कि राख हो गया,
उनकी नजरों में मेरा रिश्ता खाक हो गया।

जो चाहने लगे हैं,वो सताने लगेंगे एक दिन,
पास आकर एहसान जताने लगेंगे एक दिन…
जरा सा संभलकर रहना इन चाहने वालों से,
अक्सर औकात याद दिलाने लगेंगे एक दिन..
दिल जलाया इस कदर…….।

सच बात को सुनकर जल जाते हैं लोग,
झूठी बात सुनकर पिघल जाते हैं लोग..
झूठ बोलना शामिल नहीं फितरत में मेरी,
इसीलिए दूर मुझसे निकल जाते हैं लोग..
दिल जलाया इस कदर…….।
दुनिया के बहानों की फिक्र कौन करता है,
जमाने के फसानों का जिक्र कौन करता है..
अपनों ने ही कर दिया बे-आबरु नाचीज को,
यूँ अपने ही दीवानों से हिज्र कौन करता है..
दिल जलाया इस कदर…….।

       #सोनू कुमार जैन

परिचय : सोनू कुमार जैन उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में सरकारी अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। यह सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारान नामक स्थान के निवासी हैं। इन्होंने बीएससी के पश्चात बीएड,एमए (अंग्रेजी साहित्य)किया और अब हिन्दी साहित्य से एम.ए. कर रहे हैं। इन्हें मुक्तक,कविता एवं शायरी लिखने का शौक है।

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matruadmin

7 thoughts on “दिल जलाया इस कदर

  1. Waah kya likha hai…..bilkul dil nikal kar rakh diya. Aise hi likhte rahe Sonu Kumar Jain aur khub tarrakki hasil kare.

  2. वाह ……हृदय स्पर्शी ….मर्म स्पर्शी ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।