सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली कहानी की चौथी पुस्तक बनी— गांव का एक दिन

0 0
Read Time1 Minute, 15 Second

रतनगढ़ निप्र ।

प्रथमबुक्स द्वारा स्टोरी विवर के माध्यम से विश्वभर में हिन्दी को बढ़ावा देने और विश्व की 200 भाषाओं में बच्चों के बालकहानियों को प्रसारित करने के लिए अपनी सेवाएं देता हैं। बच्चों के लिए चित्रकथा पुस्तक के रूप में प्रथमबक के यह प्रयास कई वर्षों से अनवरत जारी है। जिस की अधिकारिक सूचना के मुताबिक दी है कि ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ की कहानी की पुस्तक — गांव में एक दिन, ने प्रथमबुक्स द्वारा संचालित स्टोरी विवर औनलाइन मंच पर पढ़ी जाने कहानी में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह साल भर की गतिविधि के आधार पर दी गई प्रगति की सूचना है। स्मरणीय है कि स्टोरीविवर प्रथम बुक्स का औनलाइन मंच है जहां पर विश्व की सर्वाधिक 200 भाषाओं में कहानी की चित्रकथा पुस्तकें प्रसारित होती है।
————–

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

विजय तिवारी जी की प्रदेश उप प्रमुख पद पर नियुक्ति

Sat Sep 14 , 2019
बड़ौदा हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अर्पण जैन अविचल की अनुशंसा पर गुजरात प्रदेश अध्यक्ष राकेश जैन ने अहमदाबाद निवासी विजय तिवारी जी को गुजरात प्रदेश उपप्रमुख पद पर नियुक्त किया है विजय जी परस्नातक एवं बी एड है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।