भादों का महीना

Read Time7Seconds

बरसते भादों का महीना है
प्रिये तुमको भीगके जाना है
बोलती कोयल कुहू-कुहू
हमने तुम्हें ही अपना माना है

शीतल समीर चलती, मोर नाचते
कल-कल कहती नदी बहती
हमारे हृदय का कहना है
बरसते भादों का महीना है

ताल-तलैया, पोखर लेतीं हिलोरे
मन तुम्हारा, मन हमारा डोले
तुमको लज्जा के साये में चमकना है
बरसते भादों का महीना है

खेतों की हरियाली सा यौवन तुम्हारा
बड़ा हसीं, बड़ा प्यारा चेहरा तुम्हारा
खाते हैं कसम साथ जीना-मरना है
बरसते भादों का महीना है

#मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

परिचय : मुकेश कुमार ऋषि वर्मा का जन्म-५ अगस्त १९९३ को हुआ हैl आपकी शिक्षा-एम.ए. हैl आपका निवास उत्तर प्रदेश के गाँव रिहावली (डाक तारौली गुर्जर-फतेहाबाद)में हैl प्रकाशन में `आजादी को खोना ना` और `संघर्ष पथ`(काव्य संग्रह) हैंl लेखन,अभिनय, पत्रकारिता तथा चित्रकारी में आपकी बहुत रूचि हैl आप सदस्य और पदाधिकारी के रूप में मीडिया सहित कई महासंघ और दल तथा साहित्य की स्थानीय अकादमी से भी जुड़े हुए हैं तो मुंबई में फिल्मस एण्ड टेलीविजन संस्थान में साझेदार भी हैंl ऐसे ही ऋषि वैदिक साहित्य पुस्तकालय का संचालन भी करते हैंl आपकी आजीविका का साधन कृषि और अन्य हैl

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

इंच इंच भू ले लेंगे

Mon Aug 26 , 2019
कश्मीर अमानत है भारत की, कली,धरा मय घाटी के। फौजी की तो शान तिरंगा, कायल इस परिपाटी के। कितने ही हम पूत गवाँ दे, हिम्मत कभी न छोड़ेंगे। इंच इंच भू ले लेंगे हम, हिन्दुस्तानी माटी के। सब अपराध याद हैं हमको, पाक,चीन अपघाती के। भूले नहीं हैं श्वेत कबूतर, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।