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dhanraj vaani
कब रुकेगा नरसंहार
खूनी खेल कब रुकेगा
मानवता के आगे,शीश
पापियों का कब झुकेगा
जीने का अधिकार है
चाहे चींटी हो या हाथी
खूनी खंजर रोक लो
चाहे दुश्मन हो या साथी
कोई हाथ जोड़ खड़ा है
कोई शीश झुकाता है
कोई अरदास लगाता
कोई हाथ फैलाता है
न सीमा का बंधन हो
न जाती, धर्म का भेद
जो भी खेले मानवता से
हो जाए फिर वह कैद
इतिहास में भी जंग है
स्वाभिमान से मरते थे
देकर तलवार दुश्मन को
फिर आपस मे लड़ते थे
यह कैसा खेल है यारों
छुप-छुप कर खेल रहे हो
खुले आसमान के पंक्षी
बंद पिंजरे में झेल रहे हो
आज हम है , कल तुम
…कोई बच ना पाएगे
विश्वशांति में कदम बढ़ें
वरना फिर पछताऐंगे
एक कदम हम चले
पीछेचल दिखलाओ तुम
यू ही कारवा बनता चलेगा
शांति दूत बन जाओ तुम
#धनराज वाणी
परिचय– 
श्री धनराज वाणी  ‘उच्च श्रेणी शिक्षक’ हाई स्कूल उबलड विकास खण्ड जोबट जिला अलिराजपुर में 30 वर्षो का सेवाकाल (मूल निवास जोबट)
जन्म स्थान जोबट(मध्यप्रदेश)
पत्नि का नाम -कविता वाणी (प्राचार्य )इनकी भी साहित्य में रुचि व महिला शसक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य व आकाशवाणी मे काव्य पाठ किया
2.शिक्षा-एम.ए.बी.एड.(समाजशास्त्र)
3.रुचि-साहित्य व रचनाकार 
विषय-वीरस,चिंतन,देशभक्ति के गीत व कविताओं की रचना
4.उपलब्धियां-आकाशवाणी इंदौर से 7 बार काव्य पाठ किया व स्थानीय,जिलास्तरीय व अखिल भारतीय मंचो से भी  काव्यपाठ किया!
वर्तमान में अर्पण कला मंच जोबट मे साहित्य प्रकोष्ठ का प्रभार है.
5.बचपन से साहित्य के प्रति  रुचि व हिन्दी के प्रति प्रेम
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