होली

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babulal sharma

*मनहरण घनाक्षरी छंद विधान*
८,  ८,
८, ७ वर्ण
आठ,आठ,
आठ,सात ।    वर्ण
संयुक्त वर्ण एक ही माना जाता है।
कुल ३१वर्ण, १६, १५, पर यति हो,( , )
पदांत गुरु(२) अनिवार्य है,
चार पद सम तुकांत हो,
चार पदों का एक छंद कहलाता है।
.                        ———-
.                       **
.                         ———
रूप  रंग  वेष भूषा, भिन्न राज्य और भाषा,
११   ११  ११ ११,   ११    ११    ११   ११
देश  हित  वीर  वर, बोल  भिन्न  बोलियाँ।
११   ११  ११   ११,  ११     ११     १११

सीमा  पर  रंग  सजे, युद्ध जैसे  शंख  बजे,
११    ११  ११   ११,  ११   ११    ११   ११
ढूँढ  ढूँढ  दुष्ट  मारे, सैनिको  की  टोलियाँ।
११  ११  ११   ११,  १११     १       १११

भारतीय  जन  वीर, धारते  है  खूब  धीर,
११११     ११   ११,  १११  १   ११   ११
मारते  है  शत्रुओं  को ,झेलते  हैं  गोलियाँ।
१११   १   १११    १,   १११    १     १११

फाग  गीत  मय  चंग ,खेलते  हैं  सब  रंग,
११    ११   ११   ११,  १११   १   ११   ११,
देश  हित  खेलते  हैं, खून  से  भी  होलियाँ।
११   ११   १११   १,  ११   १    १    १११

इस प्रकार आप अभ्यास से सीख सकते हैं।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः      

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