चाह शहादत मानस भारत

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babulal sharma
भारत देश महान बने सब,
लोग निरोग रहे जन भावन।
मेल मिलाप रहे सब धर्मन,
जाति सबै मिल देश बनावन।
सीम सुरक्ष करे बल सैनिक,
शत्रु बिसात पड़े कस आवन।
*लाल* हमार स्वदेश हिते सब,
मानव मानस मान मनावन।

रीत सु प्रीत निभे अपनी बस,
चाह शहादत मानस भारत।
आन निभे अरमान निभे सब,
देश हितैष निछावर चाहत।
आज यही बस है मन मे अब,
काज करूँ मन मानुष राहत।
मानवता हित जीवन अर्पण,
दूर सभी कर भारत आरत।

शान तिरंग सँभाल सकूँ बस,
मान स्वदेश सदा अपना पन।
जन्म मिले फिर भारत मानुष,
तो बलिदान करूँ अपना तन।
जीवन ज्योति चले मन में बस,
याद शहीद यही जपना मन।
देश समाज सुकाज करूँ नित,
भाव रचूँ कविता मन भावन।

साहित साधन साज सरे सब,
शान सुराज सुरक्षण भारत।
गीत लिखूँ ममता समता जब,
मीत सुरीत समाज निभावत।
भाव स्वभाव भरे तन भीतर,
मानव मानस प्रीत कहावत।
संकट हो जब देश धरा पर,
मानस चाहत *लाल* शहादत।

पास पडौ़स छिपे कुछ दानव,
काज करे नित मान अपावन।
मानवता पर भार कलंकित,
केवल ये धन लोभ लुभावन।
दीन जिहाद विधर्म सने मन,
चाहत है बस स्वर्ण कमावन।
द्वेष भरे यह काम करे बस,
मानव मानस *लाल* सतावन।

नाम– बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।