अवसर

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avinash agnihotri
दीदी जी मेरे पति की तबियत बहुत खराब है,ओर साहब ने मुझे पिछले दो माह से तनख्वाह भी नही दी है।अगर आप अभी कुछ पैसे दे सके।कजरी इसके आगे कुछ कह पाती उसके पहले ही मालकिन बोली,मेरे पास पैसे कहाँ है।तेरे साहब बाहर गए है,वो एक दो दिन में वापस आ जाएंगे ।तब उन्ही से तू हिसाब कर लेना ,मुझे इन सब पचड़े में मत डाल।उसकी आशा भरी निगाहे जो अब तक मालकिन के मुख की ओर थी वो। अब मायूस होकर नीचे हो गई।
और वो बेचारी गर्दन झुकाए एक बार फिर अपने काम मे लग गई।कुछ देर बाद गेट कीपर ने मालकिन को बताया।कि एक संस्था से कुछ लोग आए है,कह रहे है कि हमे तुम्हारी मैडम से दान के कुछ चेक लेना है।उनके साथ एक फोटोग्राफर भी है ।जो आपकी कुछ फोटो भी दान दाता के रूप में लेना चाहता है।यह सुन मैडम तुरंत बोली,उन्हें आदर के साथ हॉल में बिठाओ।उन्हें दान के चेक देकर मैडम बड़ी खुशी से उनके साथ फोटो उतरा रही थी।
कि अवसर देख चाय बिस्किट की ट्रे थामे कजरी ने फिर सबके सामने ही अपने पति की स्थिति बता।मैडम से रुपयों की मांग कर डाली।मालकिन कुछ पल की खामोशी के बाद मुस्कुराते बोली हाँ कजरी बता तुझे कितने पैसों की जरूरत है।अब तुम लोग भी संकट की घड़ी में हमसे ही तो आस करोगे ना।ओर अपने बैग मे से उसके बताए रुपये देते हुए, सर पर हाँथ फेरकर बोली।ओर किसी भी चीज की आवश्यकता हो तो निसंकोच कहना।अब हॉल एक बार फिर तालीयों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
#अविनाश अग्निहोत्री
परिचय- अविनाश अग्निहोत्री
 इंदौर(मध्यप्रदेश)
शिक्षा एम.कॉम 
सेवा सहायक शिक्षक ,सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल।
अन्य कार्य समिति सदस्य, संस्था विचार प्रवाह।

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।