साहित्यकार नर्मदाप्रसाद उपाध्याय व अतुल तारे को मिलेगा वर्ष 2026 का हिन्दी गौरव अलंकरण

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फ़रवरी में इन्दौर में आयोजित समारोह में होंगे अलंकृत

इन्दौर । देशभर में हिन्दी के विस्तार के लिए काम करने वाले मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वर्ष 2026 का हिन्दी गौरव अलंकरण सुप्रसिद्ध साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय (इन्दौर) और वरिष्ठ पत्रकार अतुल तारे  (ग्वालियर) को प्रदान किया जाएगा। हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह का यह सातवाँ वर्ष है।

संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘अलंकरण का यह सातवाँ वर्ष है। संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष दो हिन्दी साधकों को ‘हिन्दी गौरव अलंकरण’ से विभूषित किया जाता है। चयन समिति द्वारा चयनित वर्ष 2026 के लिए इन्दौर के सुप्रसिद्ध साहित्यकार नर्मदा प्रसाद उपाध्याय व ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार अतुल तारे के हिन्दी के प्रति समग्र अवदान को रेखांकित करते हुए हिन्दी गौरव अलंकरण प्रदान किया जाएगा।’

सुप्रसिद्ध साहित्यकार, ललित निबन्धकार व साहित्य एवं कला के अंतर अनुशासन पर कार्य करने वाले, अनेक विधाओं में सिद्धहस्त लेखक नर्मदा प्रसाद उपाध्याय प्रमुख रूप से कला एवं सांस्कृतिक पहलुओं पर ललित निबंध के लिए पूरे देश एवं विदेश में चर्चित हैं।  श्री उपाध्याय ने 18 निबंध संग्रह, 30 कला केन्द्रित पुस्तकें लिखी हैं व 20 पुस्तकों का सम्पादन किया है। सुप्रसिद्ध पत्रकार अतुल तारे वर्तमान में दैनिक अख़बार के समूह सम्पादक हैं। आप 40 वर्षों से हिन्दी पत्रकारिता कर रहे हैं। आपने भी एक दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन व सम्पादन किया है।

संस्थान द्वारा वर्ष 2020 में पद्मश्री अभय छजलानी एवं वरिष्ठ कवि राजकुमार कुम्भज को, वर्ष 2021 में वरिष्ठ साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत व साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे को, वर्ष 2022 में कहानीकार डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री व वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार अष्ठाना को एवं वर्ष 2023 में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भगवती लाल राजपुरोहित व सुप्रसिद्ध मीडिया शिक्षक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी, वर्ष 2024 में मनोज श्रीवास्तव व डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय एवं वर्ष 2025 में डॉ. नीरजा माधव तथा शिवकुमार विवेक को हिन्दी गौरव अलंकरण से अलंकृत किया जा चुका है।

अलंकृत होने वाली विभूतियों को संरक्षक राजकुमार कुम्भज, साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे, इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम, पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी, प्रो. संजय द्विवेदी, मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नितेश गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव भावना शर्मा, राष्ट्रीय सह सचिव सपन जैन काकड़ीवाला, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गणतंत्र ओजस्वी, डॉ. नीना जोशी, प्रेम मंगल, मणिमाला शर्मा, अनुपमा समाधिया आदि ने शुभकामनाएँ दीं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।