सम्हल परिंदे

Read Time0Seconds
niraj tyagi
सम्हल कर उड़ तू परिंदे,
तेरी उड़ान पर सय्याद
बहुत से नजर गड़ाए है।
तेरी उड़ान ने ना जाने कब
से सय्यादो के होश उड़ाए है।
तेरे पिंजरे में बांधने को पर,
उन्होंने बहुत जाल बिछाए है।
तेरी आजादी से उड़ने से वो
सब हैरान बहुत है,तुझे बन्द
करने  को  पिंजरे  में  उन्होंने
भी बड़े अपने प्रयास लगाए है।
तू  उड़  अपनी लगन से,तुझे
सय्याद  के  जाल से मतलब
भला क्या है , कि तूने अपने
प्रयास  से  अपने  आसमान
बनाये है।
इन  सय्यादो को तेरे होशलो
का  आभास  ही नही है , कि
छोटा सा जाल इनका,पर तूने
सारे आकाश में उड़ने को पर
अपने फैलाये है।
#नीरज त्यागी 
ग़ाज़ियाबाद (उ. प्र)
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

याद आता है.....

Wed Nov 14 , 2018
अल्हड़ सा वो बचपन याद आता है मुझे मेरा वो चंचल मन याद आता है गुजारे थे दोस्तो संग,वो पल सुखद मैंने वो खिलौने वो अपनापन याद आता है भीगें बारिश में ,सने धूल मिट्टी में नहाएं थे जो नदियों में बदन याद आता है गुनगुनी धूप में करते थे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।