राखी एक बहुत ही समझदार लड़की है और अपने बचपन से बड़े होने तक उसने हमेशा अपने घर वालों की बातचीत मानते हुए अपना जीवन आगे बढ़ाया।बचपन से बड़े होने तक उसने अपने पिता को हमेशा ईमानदारी से अपने कार्य करते हुए देखा।       हमेशा […]

सत्य पराजित है खड़ा , झूठ का होता सम्मान। मान अपमान के भवर में डूब रहा सच्चा इंसान।। नैया सच की है डोलती और खिवैया झूठो का यार। जब नैया डुबाये खिवैया ही फिर कैसे हो नैया पार।। चल रहा चाल झूठ अब ,कर देगा सच को बेजार। ठगते इस […]

साल  दर  साल  यूँ  ही  बदलते  चले  गए, उम्र  बढ़ती  गई  , सपने   मरते  चले  गए। क्या  कुछ  बदला  पिछले  कुछ सालों में, हाँ  हर  साल  धोखो  के  चेहरे बदल गए। साल  दर  साल  मेरा चेहरा बदलता चला गया, चेहरे   पर  नई  लकीरो के  साये  बढ़ते चले गए, मैं रोक […]

कुछ लोगो  के  शांत  चेहरे पर मक्कारी छिपी है। आईने को गुमराह करने की भी अय्यारी छिपी है।। गुमान है इन्हें आसमान में उड़ने का कुछ ऐसे, जिस घोसले ने आसरा दिया इन्हें जीवन भर, उस घोंसले का अस्तित्व ही झुठलाने लगे है। माना कि ऊँचाई पर उड़ने का अपना […]

सम्हल कर उड़ तू परिंदे, तेरी उड़ान पर सय्याद बहुत से नजर गड़ाए है। तेरी उड़ान ने ना जाने कब से सय्यादो के होश उड़ाए है। तेरे पिंजरे में बांधने को पर, उन्होंने बहुत जाल बिछाए है। तेरी आजादी से उड़ने से वो सब हैरान बहुत है,तुझे बन्द करने  को  […]

मेरे लब की मुस्कुराहट पर वो मेरे आँशु पहचान लेता है। दबे है मन मे जो अल्फाज,उनकी आवाज वो जान लेता है।। मुझे कभी मालूम ना था जिस्म पर कितने खंजर लगे है मेरे। बस मेरी आह से वो मेरे शरीर के खंजर पहचान लेता है।। अभी मैं जिंदा हूँ, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।