किसान 

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jaswant
सुना है वो अपने संघर्षो को ,
अपनी शान बना लेता है ।
खुद भूखा रहके सबको खिलाने का हुनर ,
उसे किसान बना लेता है ।।
अगर किसान चाहे तो वह भी ,
अपना सकता कोई और फन ।
पर इसी माटी का लाल है,वो अपनी मेहनत से ,
सबको मालामाल बना देता है ।
खुद भूखा रहके सबको खिलाने के हुनर ,
उसे किसान बना लेता है ।।
आज राजनीति में रहकर ,
औकात बताते है उन्हें मैं कह दू ।
किसान मेहनत से कमाकर हराम की कमाई को ,
पैरो की धूल बना देता है ।
खुद भूखा रहके सबको खिलाने का हुनर ,
उसे किसान बना लेता है ।।
दिन और रात एक करके किसान ,
फसलों को पसीने से सींचता है ।
गरीबी से मरते देश के किसान,महंगाई का जमाना
किसान को लाचार बना देता है ।
खुद भूखा रहके सबको खिलाने का हुनर ,
उसे किसान बना लेता है ।।
किसान होता है देश का अन्नदाता ,
क्यों शासन उसे शिकार बनाता है ।
जब नहीं मिल पाता किसान के पसीने का मोल ,
तो मौत के फंदे को गले लगा देता है ।
खुद भूखा रहके सबको खिलाने का हुनर ,
उसे किसान बना लेता है ।।
मेहनत तो किसान खूब करते है ,
“जसवंत” मदद का बीड़ा उठाता है ।
कोई किसान हार ना जाये जिंदगी के सफर में ,
यह ख्याल मुझे रुला देता है ।
खुद भूखा रहके सबको खिलाने का हुनर ,
उसे किसान बना लेता है ।।

नाम – जसवंत लाल बोलीवाल ( खटीक )

पिताजी का नाम – श्री लालूराम जी खटीक ( व.अ.)

माता जी का नाम – श्रीमती मांगी देवी

धर्मपत्नी – पूजा कुमारी खटीक ( अध्यापिका )

शिक्षा – B.tech in Computer Science

व्यवसाय – मातेश्वरी किराणा स्टोर , रतना का गुड़ा

राजसमन्द ( राज .) 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।